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पासपोर्ट विवाद मामले में पवन खेड़ा की बढ़ी मुश्किलें : अब गौहाटी हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, अग्रिल जमानत के लिए खटखटाया था दरवाजा

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Apr 24, 2026
06:38 AM
अब गौहाटी हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, अग्रिल जमानत के लिए खटखटाया था दरवाजा

गुवाहाटी। पासपोर्ट विवाद मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें कम होने की बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उन्हें गौहाटी हाईकोर्ट ने बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

बता दें कि यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में दाखिल की गई थी। पवन खेड़ा की ओर से एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी से बचाव के लिए अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

पवन खेड़ा ने क्या लगाया था आरोप?

दरअसल पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के तीन पासपोर्ट, दुबई में दो संपत्तियां और शेल कंपनियों में संपत्तियां हैं। इसी बयान के बाद रिंकी भुयान सरमा पे उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें चुनाव से जुड़े गलत बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और शांति भंग करने जैसे आरोप शामिल हैं।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर पवन खेड़ा असम की अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उनके मामले पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा और पहले के आदेश का उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे हटाने और ट्रांजिट बेल बढ़ाने की मांग भी की, लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी।

खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट ने दी थी एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत

खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि, पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका पर गौर करते हुए इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही, कांग्रेस नेता को इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए असम की सक्षम अदालत में याचिका दायर करने को कहा था।

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