मैं गलत पार्टी में था : राघव चड्ढा ने आप से इस्तीफे का किया ऐलान, दो तिहाई सांसदों के साथ थामेंगे भाजपा का दामन

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर जिस कयास लगाए जाए जा रहे थे। आखिरकार वहीं हुआ। उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफे का ऐलान कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं राघव के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी भाजपा का दामन थामेंगे।
प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान थोड़ा हताश भी दिखाई दिए। उन्होंने भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था। उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं। संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा, हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आप के 2-3 सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को बीजेपी में मिला लेंगे।
दो तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ होने किया दावा
राघव चड्ढा ने बताया कि हमारे साथ दो तिहाई ज्यादा आप के राज्यसभा सांसद हमारे साथ हैं. उन्होंने साइन भी कर दिया है। इसमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेताओं राघव चड्ढा के साथ शामिल हैं। राज्यसभा में आप के पास राज्यसभा में 10 सांसद हैं। 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं।
आप को मैंने खून पसीने से सींचा
उन्होंने आगे कहा कि आप को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है। अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है. पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए, आज हम यह ऐलान करते हैं कि मैं आप से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।
मेरा मकसद देश के लिए कुछ बड़ा करने का- संदीप पाठक
संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।
कैसे बिगड़ी थी बात
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।
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