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हर-हर महादेव से गूंजा महाकाल लोक : पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भोले के दिव्य श्रृंगार ने मोहा मन

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 26, 2026
05:59 AM
पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भोले के दिव्य श्रृंगार ने मोहा मन

उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में बुधवार की सुबह भक्ति और आस्था के अद्भुत रंग देखने को मिले। श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। भस्म आरती के दिव्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन हुए, पूरा परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा।

ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच खुले कपाट

बुधवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। ढोल-नगाड़ों की गूंज और मंत्रोच्चार के बीच बाबा महाकाल का पूजन प्रारंभ हुआ। सबसे पहले भगवान का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया।

पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर बाबा महाकाल को हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान को मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद झांझ-मंजीरों, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती की दिव्य परंपरा निभाई गई।

गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल

भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। भगवान को गणेश स्वरूप में सजाया गया और भांग-चंदन से उनका मनोहारी श्रृंगार किया गया। बाबा के इस अलौकिक स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। मंदिर परिसर में घंटियों की ध्वनि, शंखनाद और मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।

महाकाल मंदिर के पुजारी ने विधिवत महाआरती संपन्न कराई। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार रात से ही लगी हुई थी। भस्म आरती में शामिल होने वाले पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है।

भस्म आरती से जुड़ी है अनोखी धार्मिक मान्यता

श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

यही कारण है कि देश-विदेश से श्रद्धालु इस अद्भुत आरती के साक्षी बनने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। भस्म आरती के दौरान मंदिर में दिखाई देने वाला आध्यात्मिक वातावरण भक्तों के मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव भर देता है। बुधवार को भी बाबा महाकाल की भस्म आरती ने पूरी उज्जैन नगरी को हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय कर दिया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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