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बांकीपुर उपचुनाव में बदल रहे सियासी समीकरण : निर्णायक बढ़त की ओर पीके, दूसरे नंबर भाजपा, अंतिम परिणाम पर निगाहें

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 03, 2026
08:31 AM
निर्णायक बढ़त की ओर पीके, दूसरे नंबर भाजपा, अंतिम परिणाम पर निगाहें

पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। शुरुआती रुझानों से लेकर 10वें दौर की गिनती तक जन सुराज पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने अपनी मजबूत बढ़त कायम रखी है। अब तक के रुझानों में भाजपा दूसरे स्थान पर है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तीसरे स्थान पर खिसकता नजर आ रहा है। हालांकि अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है और सभी की निगाहें शेष दौरों की मतगणना पर टिकी हैं।

10वें दौर तक 6 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, 10वें दौर की मतगणना पूरी होने तक प्रशांत किशोर को 20,059 मत मिले हैं। वह भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 6,011 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। नीरज कुमार सिन्हा को अब तक 14,048 मत प्राप्त हुए हैं। वहीं, राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता 3,983 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर चल रही हैं। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार तनवीर आलम को अब तक 401 मत मिले हैं।

जन सुराज और भाजपा के बीच सीधी टक्कर

शुरुआती रुझानों से यह साफ होता दिख रहा है कि मुकाबला फिलहाल जन सुराज पार्टी और भाजपा के बीच सिमट गया है। राजद उम्मीदवार शुरुआती दौर से ही पिछड़ती नजर आ रही हैं। हालांकि मतगणना के 31 दौर पूरे होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी और यह तय होगा कि बांकीपुर की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है।

31 दौर में पूरी होगी मतगणना

मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती के साथ शुरू हुई। इसके बाद सुबह 8:30 बजे से इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों के मतों की गणना शुरू की गई। पूरी प्रक्रिया के लिए 16 मतगणना टेबल बनाई गई हैं और प्रत्येक टेबल पर तीन-तीन कर्मचारियों की तैनाती की गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार कुल 31 दौर में मतगणना पूरी होगी।

भाजपा के गढ़ में कांटे की लड़ाई

बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जिसमें 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस सीट पर कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा, जन सुराज और राजद के बीच माना जा रहा था।

यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वर्ष 1995 से यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में रही है। ऐसे में यदि मौजूदा रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। फिलहाल सभी दलों की नजरें शेष मतगणना और अंतिम परिणाम पर टिकी हुई हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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