गांधी जयंती पर मप्र में नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम : 2 से 7 अक्टूबर तक चलेगा मद्य निषेध सप्ताह, ग्रामसभाओं से स्कूलों तक होंगे कार्यक्रम

भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक मद्य निषेध सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, प्रदर्शनियों, प्रतियोगिताओं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों, ग्राम सभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आयुक्त के.जी. तिवारी ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों को आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। अभियान में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक संस्थाओं तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। जिला प्रशासन को स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, पुलिस और जनसंपर्क विभाग को भी अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
2 अक्टूबर को और नुक्कड़ नाटक
मद्य निषेध सप्ताह की शुरुआत गांधी जयंती के दिन होगी। जिलों में नशामुक्ति रैलियां निकाली जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों के जरिए नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। पोस्टर, चित्र और फोटो प्रदर्शनियों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को ऑनलाइन नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।
विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य शिविर
3 अक्टूबर को स्कूलों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर प्रतियोगिताएं, संवाद और संगोष्ठियां होंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और नशामुक्ति केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाए जाएंगे। इनमें एचआईवी-एड्स, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी।
ग्राम सभाओं में होगा नशामुक्त गांव का संकल्प
4 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। ग्रामीणों के बीच नशामुक्ति से जुड़ी प्रचार सामग्री वितरित की जाएगी और ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी। इसके बाद 5 अक्टूबर को स्थानीय व्हाट्सऐप समूहों के जरिए जागरूकता संदेश, लघु फिल्में और अन्य सामग्री साझा की जाएगी। अभियान में विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को जोड़ने पर जोर रहेगा।
महिला समूह भी संभालेंगे मोर्चा
6 अक्टूबर को महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्या दलों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। महिलाओं को नशे से होने वाले आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। 7 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में स्थानीय मास्टर वॉलंटियर और ‘नशामुक्ति मित्र’ विद्यार्थियों को ऑनलाइन शपथ दिलाएंगे।
8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर समापन
अभियान का समापन 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर होगा। इस दौरान नाटक, नृत्य, संगीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।
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