मप्र में पोषण आहार पर डाका? : राशन गायब, रिकॉर्ड पूरा, आलीराजपुर में बच्चों की आड़ में बड़ा घोटाला उजागर

आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले से आंगनवाड़ी व्यवस्था को लेकर एक बड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के जोबट क्षेत्र में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए निर्धारित पोषण आहार वास्तव में कई केंद्रों पर पहुंचा ही नहीं, जबकि कागजों में नियमित वितरण दिखाया जाता रहा। प्रशासनिक जांच में इस गंभीर गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में यह सामने आया कि कई आंगनवाड़ी केंद्रों पर न तो भोजन उपलब्ध था और न ही उसके वितरण की कोई वास्तविक व्यवस्था दिखी। कई स्थानों पर रसोई संचालन पूरी तरह ठप मिला, जबकि रिकॉर्ड में सभी गतिविधियां सामान्य रूप से दर्ज थीं। यह अंतर प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
93 स्वयं सहायता समूहों पर गंभीर आरोप
जांच के दौरान कुल 93 स्वयं सहायता समूहों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इन समूहों द्वारा पोषण आहार और नाश्ते का वितरण नियमित रूप से नहीं किया गया। इसके बावजूद दस्तावेजों में वितरण की एंट्री की जाती रही। प्रशासन ने सभी समूहों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डेकाकुंड की चार आंगनवाड़ियां बंद मिलीं
निरीक्षण के दौरान ग्राम डेकाकुंड की चार आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद पाए गए। न तो वहां बच्चों की उपस्थिति थी और न ही कोई सक्रिय संचालन। यह स्थिति विभागीय निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है।
कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी
मामले में दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, दो सहायिकाएं और संबंधित सुपरवाइजर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग पर सवाल
इस पूरे मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी प्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक महीने तक पोषण आहार का वितरण नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। यह मामला अब जिला प्रशासन के लिए गंभीर जांच का विषय बन गया है।
जिले में चर्चा का विषय बना मामला
जोबट क्षेत्र में सामने आया यह कथित “पोषण घोटाला” अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि जिम्मेदारों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।
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