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MP के किसानों के लिए बड़ी राहत : अब 4 नवंबर तक करा सकेंगे धान बेचने का पंजीयन, सीएम ने का ऐलान, बोले- किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

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Nov 02, 2026
01:55 PM
अब 4 नवंबर तक करा सकेंगे धान बेचने का पंजीयन, सीएम ने का ऐलान, बोले- किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

भोपाल। मध्यप्रदेश के धान उत्पादक किसानों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी राहत दी है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 4 नवंबर कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारण से अब तक पंजीयन नहीं करा सके हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मंत्रालय से सिवनी जिले की सिमरिया मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

किसानों को दिन में 10 घंटे मिलेगी बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों को खेती-किसानी के कामों के लिए दिन में 10 घंटे बिजली दी जा रही है। रबी फसलों की सिंचाई के दौरान भी दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को रात के समय खेतों में सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों से किया गया वादा सरकार ने पूरा किया है और कृषि क्षेत्र को सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सिवनी में बनेगा फूड पार्क, स्थानीय उपज को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने सिवनी की कृषि विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले का जीराशंकर चावल अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए पहचान रखता है। वहीं, बड़े आकार और मिठास वाला जंबो सीताफल भी जिले की विशेष पहचान बन रहा है। टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी की खेती में भी यहां अच्छी संभावनाएं हैं।

उन्होंने घोषणा की कि सिवनी में जल्द ही फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन हो सकेगा। किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

2026 किसान कल्याण वर्ष, खेती के साथ दूसरे व्यवसायों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोतों से जोड़ना है। सरकार पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन, उद्यानिकी और नकदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि किसान बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन कर सकें।

पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से बढ़ेगी आमदनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इसे उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और फसल विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के परिश्रम से मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खेती उनके लिए आर्थिक समृद्धि का माध्यम बने।

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