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CM मोहन का बड़ा फैसला : बैतूल में जनजातीय इतिहास को मिलेगा नया मंच, हर साल 24 लाख की दो ‘वीर भारत’ फैलोशिप, उज्जैन में बनेगा भव्य वीर भारत संग्रहालय

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Nov 02, 2026
01:42 PM
बैतूल में जनजातीय इतिहास को मिलेगा नया मंच, हर साल 24 लाख की दो ‘वीर भारत’ फैलोशिप, उज्जैन में बनेगा भव्य वीर भारत संग्रहालय

भोपाल। मध्यप्रदेश में भारतीय इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत को नई पहचान देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में इतिहास, संस्कृति, कला, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महान चिंतकों एवं व्यक्तित्वों पर शोध को प्रोत्साहित करने के लिए 'वीर भारत' फैलोशिप शुरू की जाएगी। इसके तहत हर साल दो अध्येताओं को 12-12 लाख रुपये की फैलोशिप दी जाएगी। यह राशि एक वर्ष की अवधि के लिए मिलेगी। वहीं, बैतूल में केंद्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय और उज्जैन के कोठी महल में वीर भारत संग्रहालय स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में वीर भारत न्यास की कार्यकारी समिति की बैठक में इन प्रस्तावों का अनुमोदन किया। बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए।

हर साल दो अध्येताओं को मिलेगी 12-12 लाख की फैलोशिप

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्राचीन से आधुनिक इतिहास के महत्वपूर्ण आयामों, राष्ट्र स्वरूप के निर्माण में योगदान देने वाले चिंतकों, कलाकारों और वैज्ञानिकों से जुड़ी गतिविधियों तथा देश-प्रदेश की संस्कृति पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से वीर भारत फैलोशिप प्रदान की जाएगी। प्रतिवर्ष दो अध्येताओं का चयन होगा और प्रत्येक को एक वर्ष के लिए 12 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस पहल से भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर शोध को प्रोत्साहन मिलेगा।

उज्जैन के कोठी महल में बनेगा वीर भारत संग्रहालय

बैठक में उज्जैन के कोठी महल में स्थापित किए जा रहे वीर भारत संग्रहालय के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की वीरता को केवल युद्धों और योद्धाओं की कहानियों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया को भारत की आंतरिक शक्ति, विचार, एकजुटता, प्रश्न करने की परंपरा, त्याग, रक्षा और सृजन क्षमता से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में योद्धाओं के साथ ऋषियों, शिक्षकों, गणितज्ञों, समाज सुधारकों, विधि निर्माताओं और तीर्थ यात्रियों के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली और पराक्रमी अतीत से परिचित कराना है।

बैतूल में जनजातीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की गैलरी

बैतूल में केंद्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इसमें जनजातीय इतिहास गैलरी, जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी सामग्री, जनजातीय शोध केंद्र और डिजिटल रिपॉजिटरी विकसित की जाएगी। इससे जनजातीय समाज के ऐतिहासिक योगदान, परंपराओं, संघर्षों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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