मंगलवार, 13 अक्टूबर 202611:47:47 PM
Download App
Home/धर्म

शारदीय नवरात्रि : मां चंद्रघंटा के जयकारों से गूंजे शक्तिपीठ, वैष्णो देवी से विंध्यवासिनी धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 13, 2026
06:26 AM
मां चंद्रघंटा के जयकारों से गूंजे शक्तिपीठ, वैष्णो देवी से विंध्यवासिनी धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब

कटरा। आदि शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि इस बार 11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक रहने वाला है। इन 9 दिनों में मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का तीसरा दिन मां चन्द्रघंटा की आराधना होती है। इस खास मौके पर देशभर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम से लेकर प्रयागराज के मां ललिता देवी मंदिर और मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी धाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने जयकारे लगाते हुए माता के दर्शन किए और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।

वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब

कटरा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्राइन बोर्ड के कर्मचारी निगरानी में जुटे रहे। श्रद्धालु कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।

बिहार के नालंदा से आए आशीष कुमार ने कहा कि मां के बुलावे पर वह पूरे उत्साह के साथ दर्शन करने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान पहली बार माता के दर्शन करने का अवसर मिला है। वह मां से बिहार के लोगों के लिए सुख-शांति की प्रार्थना करेंगे। मध्य प्रदेश से आए सचिन प्रजापति ने भी नवरात्रि में दर्शन करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भवन को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जो बेहद आकर्षक लग रहा है।

मां ललिता देवी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना

प्रयागराज के प्रसिद्ध मां ललिता देवी मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ दर्शन-पूजन शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल, फल-फूल और मिठाइयां अर्पित कर मां का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।

मंदिर के पुजारी के अनुसार, नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इस शक्तिपीठ में माता सती के हाथ की उंगलियां गिरी थीं। नवरात्रि के दौरान यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन, श्रृंगार और भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

विंध्यवासिनी धाम में जय माता दी के जयकारे

मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में भी सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने जय माता दी के जयकारों के बीच दर्शन-पूजन किया। एक श्रद्धालु ने मंदिर में दर्शन व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि माता के दर्शन से मन को शांति मिलती है और भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

नवरात्रि के तीसरे दिन तीनों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़ ने देशभर में फैली देवी आराधना की परंपरा और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था की झलक पेश की। मंदिरों में भक्ति, पूजा और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें