मंगलवार, 2 जून 202607:03:31 PM
Download App
Home/देश

मप्र में खेल शिक्षा की हैरान करने वाली हकीकत : सिंघार ने सरकार को घेरा, निशाने पर रहे खेल मंत्री, भोपाल की स्थिति बेहद खराब

admin

admin

Jun 02, 2026
09:46 AM
सिंघार ने सरकार को घेरा, निशाने पर रहे खेल मंत्री, भोपाल की स्थिति बेहद खराब

भोपाल। मध्यप्रदेश में “खेलो इंडिया” जैसे बड़े अभियानों और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के सरकारी दावों के बीच एक चैंकाने वाला तथ्य सामने आया है, जिसने प्रदेश की स्कूली खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार राज्य के लगभग 1.22 लाख स्कूलों में से 1.21 लाख स्कूल ऐसे हैं, जहां कोई भी नियमित स्पोर्ट्स टीचर (खेल शिक्षक) पदस्थ नहीं है। इस स्थिति ने न केवल शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों की खेल प्रतिभा के विकास पर भी चिंता बढ़ा दी है।

भोपाल के स्कूलों में भी बेहद कम खेल शिक्षक

राजधानी भोपाल की स्थिति भी कोई बेहतर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार यहां के 991 सरकारी स्कूलों में मात्र 5 ही खेल शिक्षक कार्यरत हैं। इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों के बावजूद खेल शिक्षकों की कमी यह दर्शाती है कि बच्चों को बुनियादी खेल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था लगभग नगण्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही बच्चों को उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन नहीं मिलेगा, तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना मुश्किल हो जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सरकार पर हमला

इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार और खेल मंत्री विश्वास सारंग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल खेल आयोजनों और उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर खेल शिक्षा की स्थिति बेहद खराब है। सिंघार का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकता में खिलाड़ियों का वास्तविक विकास नहीं बल्कि केवल प्रचार-प्रसार शामिल है।

युवाओं के भविष्य पर असर और असंतोष

इस स्थिति को लेकर खेल प्रेमियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब स्कूलों में खेल शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों को सही दिशा और प्रशिक्षण कैसे मिलेगा। यह स्थिति न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि पूरे प्रदेश में खेल प्रतिभाओं के विकास में बड़ी बाधा बन सकती है।

व्यवस्था सुधार की मांग तेज

लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब मांग की जा रही है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों में पर्याप्त संख्या में खेल शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करे। साथ ही ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए, ताकि प्रदेश की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें