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ईरान पर अमेरिका का आर्थिक प्रहार, : ट्रंप प्रशासन ने शुरू किया ‘इकोनॉमिक डी-डे’ अभियान, बेसेंट की चेतावनी से मचा हड़कंप, क्या कहा जानें

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 25, 2026
06:24 AM
ट्रंप प्रशासन ने शुरू किया ‘इकोनॉमिक डी-डे’ अभियान, बेसेंट की चेतावनी से मचा हड़कंप, क्या कहा जानें

वॉशिंगटन। अमेरिका ने इ्ररान के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। दरअसल अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने तेहरान के वैश्विक वित्तीय संपर्कों को निशाना बनाने वाले व्यापक अभियान का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरानी शासन को आर्थिक रूप से कमजोर करना और उसकी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों को इस हद तक सीमित करना है कि तेहरान अलग-थलग पड़ जाए।

बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस अभियान को द्वितीय विश्व युद्ध के ऐतिहासिक ‘डी-डे’ अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जिस तरह उस समय सहयोगी देशों ने दुश्मन के ठिकानों के साथ-साथ तीसरे देशों में मौजूद उसके नेटवर्क को निशाना बनाया था, उसी भावना से अमेरिका अब दुनिया भर में ईरान के वित्तीय संबंधों पर कार्रवाई करेगा।

ईरान के समर्थकों को भी सीधी चेतावनी

अमेरिकी ट्रेजरी प्रमुख ने कहा कि लक्ष्य ईरानी शासन को सहारा देने वाली आर्थिक जीवनरेखाओं को काटना है। उनके मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अब ईरान से जुड़े खतरे को केवल नियंत्रित करने के बजाय उसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बेसेंट ने अमेरिका के सहयोगियों और ईरान के साथ संबंध रखने वाले देशों को भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो अमेरिका के साथ खड़े होंगे, उन्हें साझेदारी के फायदे मिलेंगे, लेकिन जो तेहरान से जुड़े रहेंगे, उन्हें कमजोर पड़ते और अलग-थलग होते शासन के साथ खड़े होने की कीमत चुकानी पड़ सकती है।

नेतन्याहू ने ट्रंप और बेसेंट को दी बधाई

अमेरिका की इस कार्रवाई का इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समर्थन किया है। नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और स्कॉट बेसेंट को ईरानी शासन के खिलाफ नए प्रतिबंधों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन और उसकी गतिविधियों को मदद देने वालों पर भारी आर्थिक कीमत लगाना जरूरी है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जो लोग ईरानी शासन के साथ सहयोग जारी रखेंगे, उन्हें भी इसके परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

बढ़ सकता है ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव

अमेरिका के इस अभियान से तेहरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ने के संकेत हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वॉशिंगटन अपने अभियान को कितनी दूर तक ले जाता है और ईरान से जुड़े देशों तथा कारोबारी नेटवर्क के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। अमेरिका की रणनीति सफल हुई तो ईरान की वैश्विक वित्तीय पहुंच पर असर पड़ सकता है और क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ सकता है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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