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महाकाल में दीपोत्सव का भव्य आगाज : भस्मारीत में भांग से सजा बाबा का मनोहारी स्वरूप, शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि से गूंजा परिसर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Nov 06, 2026
06:02 AM
भस्मारीत में भांग से सजा बाबा का मनोहारी स्वरूप, शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि से गूंजा परिसर

उज्जैन। धनतेरस के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शुक्रवार तड़के बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दिव्य और मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर हरिओम, जय श्री महाकाल के जयघोष, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि से गूंज उठा। वहीं, एकादशी की संध्या आरती में फूलझड़ी से बाबा की आरती के साथ मंदिर में पारंपरिक दीपोत्सव की शुरुआत भी हो चुकी है।

ढोल-नगाड़ों के साथ खुले बाबा महाकाल के पट

धनतेरस के अवसर पर तड़के मंदिर में सबसे पहले भगवान वीरभद्र से आज्ञा ली गई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बाबा महाकाल के मंदिर के पट खोले गए। भगवान का दिव्य शृंगार कर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान महाकाल का जलाभिषेक हुआ। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा का अभिषेक किया गया।

भांग से सजा बाबा का मनोहारी स्वरूप, अर्पित की गई भस्म

पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को मुकुट धारण कराया गया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती की शुरुआत हुई। बाबा महाकाल का भांग से आकर्षक शृंगार किया गया और विधि-विधान से भस्म अर्पित की गई।

भगवान के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन होते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंजने लगा। डमरू, झांझ और मंजीरों की ध्वनि के बीच भक्तों ने आरती में शामिल होकर स्वयं को धन्य महसूस किया।

रात से ही दर्शन के लिए कतारों में लगे श्रद्धालु

बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में भक्त रात से ही मंदिर परिसर में कतारबद्ध हो गए थे। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने धनतेरस के शुभ अवसर पर अपने आराध्य के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

फूलझड़ी की आरती से शुरू हुआ दीपोत्सव

धनतेरस से पहले एकादशी की संध्या आरती में बाबा महाकाल की फूलझड़ी जलाकर विशेष आरती की गई थी। इसी के साथ महाकाल मंदिर में परंपरागत दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ। दीपावली के पर्व को लेकर मंदिर में उत्सवी माहौल बना हुआ है। आस्था, भक्ति और परंपरा के इस संगम ने उज्जैन की धार्मिक नगरी को पूरी तरह महाकालमय कर दिया है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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