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यूपी-उत्तराखंड राज्यसभा चुनावः : इलेक्शन कमीशन ने 11 सीटों कार्यक्रमों का किया ऐलान, 29 सितंबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 22, 2026
06:42 AM
इलेक्शन कमीशन ने 11 सीटों कार्यक्रमों का किया ऐलान, 29 सितंबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की खाली होने जा रही 11 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज गया है। इसमें यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित किए गए अनुसार सभी सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। चुनावी प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

यूपी से इन सांसदों का खत्म हो रहा कार्यकाल

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म होने जा रहा है। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर, पूर्व डीजीपी बृजलाल, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी के रामजी गौतम शामिल हैं।

उत्तराखंड से भाजपा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल भी 25 नवंबर को समाप्त होगा। इस तरह दोनों राज्यों की कुल 11 सीटों के लिए अब चुनावी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

यूपी में विधायकों के वोट से तय होंगे राज्यसभा सदस्य

राज्यसभा चुनाव में जनता सीधे मतदान नहीं करती। संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक वोट डालकर उच्च सदन के सदस्यों का चुनाव करते हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश की विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या इस चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं और वर्तमान में 397 विधायक होने की स्थिति में एक राज्यसभा सीट के लिए आवश्यक वोटों का गणित इसी प्रभावी संख्या के आधार पर तय होगा। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की संख्या और विधायकों के समर्थन के आधार पर अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

बसपा के सामने प्रतिनिधित्व बचाने की चुनौती

रामजी गौतम का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही उत्तर प्रदेश से बसपा का मौजूदा राज्यसभा प्रतिनिधित्व समाप्त होने की स्थिति बनेगी। विधानसभा में बसपा का कोई विधायक नहीं होने के कारण पार्टी के लिए राज्यसभा चुनाव में आवश्यक प्रथम वरीयता वोट जुटाना चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इससे यूपी के विपक्षी खेमे में भी इस चुनाव को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल सभी राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों और समर्थन के समीकरणों पर मंथन करेंगे। 16 अक्टूबर को मतदान के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से चुने जाने वाले नए राज्यसभा सदस्यों की तस्वीर साफ हो जाएगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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