सुरक्षित लौट आया 'माऊ' : रंग लाई परिवार की भावुक पुकार, सोशल मीडिया से सड़क तक चली तलाश

आगरा। आगरा के रहने वाले वकील 'सुनील सिंह' का पालतू तोता 'माऊ' छह दिन पहले लापता हो गया था। अपने बेहद प्रिय तोते की सुरक्षित वापसी के लिए उन्होंने 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। उनकी भावुक अपील का असर ऐसा रहा कि देशभर से लोगों ने मदद के लिए संपर्क किया। हालांकि, शुरुआती दिनों में मिली कोई भी जानकारी सही साबित नहीं हुई।
1,000 से ज्यादा लोगों ने किया संपर्क
इनाम की घोषणा के बाद करीब 1,000 लोगों ने सुनील सिंह से संपर्क किया। कई लोगों ने अलग-अलग तोतों की तस्वीरें और वीडियो भेजे, जबकि कुछ लोग तोते लेकर उनके घर भी पहुंचे और दावा किया कि यही 'माऊ' है। लेकिन हर बार जांच के बाद पता चला कि वह उनका पालतू तोता नहीं था। सुनील सिंह ने लोगों से अपील की थी कि यदि किसी को मऊ दिखाई दे तो पहले उसकी तस्वीर या वीडियो भेजें। उन्होंने बताया था कि मऊ के पंखों और चोंच के निचले हिस्से पर काले निशान हैं, जिनसे उसकी पहचान की जा सकती है।
परिवार का अभिन्न सदस्य था माऊ
सुनील सिंह ने बताया कि माऊ उनके लिए सिर्फ एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था। उसके लापता होने के बाद उनकी पत्नी ममता सिंह, बच्चे और पूरा परिवार बेहद दुखी था। इसी वजह से उन्होंने उसकी सुरक्षित वापसी के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।
तलाश में खर्च किए एक लाख रुपये
मऊ की तलाश के लिए सुनील सिंह ने करीब 'एक लाख रुपये' खर्च कर दिए। उन्होंने आगरा के कई प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग लगवाए, हजारों पर्चे बंटवाए और पूरे शहर में पोस्टर लगवाए। खोज अभियान के दौरान उन्हें बिहार, झारखंड, हरियाणा, नोएडा, गुजरात, पंजाब, दिल्ली और नासिक समेत कई राज्यों से फोन आए, लेकिन शुरुआती दौर में कोई भी सूचना सही नहीं निकली।
पेड़ के नीचे मिला था तीन दिन का चूजा
सुनील सिंह ने बताया कि 15 मार्च को पिछले वर्ष उन्हें मऊ एक पेड़ के नीचे महज तीन दिन के चूजे के रूप में मिला था। वह उसे अपने घर ले आए और पूरे परिवार ने मिलकर उसका पालन-पोषण किया। समय के साथ मऊ परिवार के सभी सदस्यों के नाम पुकारना सीख गया था और उनकी पत्नी को "मम्मा" कहकर बुलाता था। यही वजह थी कि वह परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया।
आखिरकार घर लौट आया माऊ
छह दिन की लंबी तलाश, हजारों लोगों की मदद और 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा के बाद आखिरकार मऊ सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट आया। उसकी वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली और उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने किसी भी रूप में उसकी तलाश में सहयोग किया।
हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार,'माऊ को लौटाने वाला व्यक्ति अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता था। उसने अपना चेहरा ढक रखा था और तोता सौंपने के बाद वहां से चला गया।
कंटेंट राइटर-पलक गीते
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
