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1 जनवरी से बदल जाएंगे दूरसंचार के नियम : ट्राई का बड़ा फैसला, कॉल की गुणवत्ता और नेटवर्क सेवाओं में होगा सुधार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Nov 03, 2026
10:32 AM
ट्राई का बड़ा फैसला, कॉल की गुणवत्ता और नेटवर्क सेवाओं में होगा सुधार

नई दिल्ली। देश में दूरसंचार सेवाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बड़ा कदम उठाया है। ट्राई ने मंगलवार को 'दूरसंचार अंतरसंबंध (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026' जारी किए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनका उद्देश्य दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क के बीच संपर्क मजबूत करना, कॉल की गुणवत्ता सुधारना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।

अब नई तकनीक से जुड़ेंगे दूरसंचार नेटवर्क

ट्राई के नए नियमों के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 के बाद स्थापित होने वाले सभी नए नेटवर्क संपर्क इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित होंगे। इसके साथ ही पुराने ई-वन और टीडीएम आधारित संपर्कों को भी तीन वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से नई तकनीक में बदला जाएगा। इस बदलाव से नेटवर्क की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही फोन पर बातचीत की आवाज की गुणवत्ता और सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार होने की उम्मीद है।

नेटवर्क के बीच संपर्क व्यवस्था में होगा बदलाव

नए नियमों के तहत लंबी दूरी और कम दूरी के मौजूदा संपर्क केंद्रों को लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र स्तर पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए तीन साल का समय निर्धारित किया गया है। इससे अलग-अलग दूरसंचार नेटवर्क के बीच कॉल और संदेशों का आवागमन आसान होगा। साथ ही नेटवर्क पर दबाव कम करने और सीमित दूरभाष संख्या संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।

संपर्क केंद्र छोड़ने के लिए भी बने नियम

ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों के लिए संपर्क केंद्र छोड़ने की अलग व्यवस्था बनाई है। अब कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार किसी संपर्क केंद्र को बंद कर सकती हैं। ऐसा यातायात कम होने, किसी क्षेत्र से सेवाएं वापस लेने या संपर्क व्यवस्था में बदलाव के कारण किया जा सकेगा। इससे कंपनियों को अनावश्यक परिचालन खर्च कम करने में मदद मिलेगी।

बैंक गारंटी की अवधि छह से बढ़ाकर 12 महीने

संशोधित नियमों में बैंक गारंटी के पुनर्मूल्यांकन की अवधि छह महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। इसके अलावा, संपर्क शुल्क के भुगतान में देरी होने पर ब्याज लगाने का प्रावधान किया गया है। ब्याज दर दोनों दूरसंचार कंपनियों की आपसी सहमति से तय होगी, लेकिन यह भारतीय स्टेट बैंक की एक वर्षीय ऋण ब्याज दर से दो प्रतिशत अधिक की निर्धारित सीमा पार नहीं कर सकेगी।

नियम तोड़ने पर लगेगा आर्थिक दंड

ट्राई ने नए नियमों के पालन की निगरानी के लिए सूचना देने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तय की है। नियमों का उल्लंघन करने पर चरणबद्ध तरीके से आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ट्राई के अनुसार, इन बदलावों से देश की दूरसंचार व्यवस्था आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित होगी। इससे कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर, भरोसेमंद तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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