मप्र में निजी नर्सिंग काॅलेज की मान्यता पर घमासान : एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष ने भाजपा सांसद के बेटे-बहू से जुड़ाव का लगाया आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से विवादों में घिरे नर्सिंग कॉलेज मामले के बीच सीधी के एक निजी नर्सिंग कॉलेज की मान्यता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुसमी तहसील के भादौरा स्थित आयुष्मान नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालय को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है।
निर्माणाधीन भवन में 120 सीटें कैसे मिलीं?
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार का आरोप है कि महाविद्यालय की मान्यता प्रक्रिया के दौरान भवन निर्माणाधीन था। इसके बावजूद महाविद्यालय को बीएससी नर्सिंग की 60 और जीएनएम नर्सिंग की 60, कुल 120 सीटों के लिए मान्यता मिल गई। संगठन ने सवाल उठाया कि जब निरीक्षण के समय भवन, प्रयोगशालाएं और अन्य जरूरी संसाधन निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थे, तो निरीक्षण दल ने महाविद्यालय को मान्यता के योग्य किस आधार पर पाया?
सांसद के बेटे-बहू से जुड़ाव का आरोप
रवि परमार ने सीधी से भाजपा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के बेटे अनुप मिश्रा और बहू बीना मिश्रा समेत कई लोगों पर महाविद्यालय के संचालन से जुड़े होने का आरोप लगाया है। संगठन ने महाविद्यालय के स्वामित्व, संचालन, प्रबंधन और आर्थिक लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप संगठन की शिकायत में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
शिक्षकों के अनुभव प्रमाण-पत्र भी जांच के घेरे में
संगठन ने महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव प्रमाण-पत्रों पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ प्रमाण-पत्रों में अनियमितता हो सकती है। इसलिए सभी प्रमाण-पत्र संबंधित अस्पतालों और संस्थानों से सीधे सत्यापित कराने की मांग की गई है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने कहा कि जांच केवल महाविद्यालय प्रबंधन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मध्यप्रदेश नर्सेस पंजीयन परिषद के संबंधित अधिकारियों, निरीक्षण दल और मान्यता प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
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