35 साल की परेशानी, अब समाधान की मांग : भाटापारा में 35 साल से सड़क का इंतजार! कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने मजबूर छात्र, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Bhatarpara Road News: छत्तीसगढ़ के भाटापारा से महज 5 किलोमीटर दूर पेंड्री गांव में सड़क की बदहाली ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के सैकड़ों छात्र-छात्राएं आज भी कच्ची और खराब सड़क से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में करीब एक किलोमीटर का यह रास्ता विद्यार्थियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहता। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ जमा होने से बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी होती है।
35 साल से पक्की सड़क का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि पेंड्री गांव में पक्की सड़क की मांग पिछले 35 वर्षों से की जा रही है। कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने सड़क निर्माण की मांग रखी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बारिश के दौरान कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण विद्यार्थियों को संभलकर रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार बच्चे कीचड़ और गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं बच्चे
पेंड्री गांव से स्कूल जाने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए बारिश का मौसम सबसे ज्यादा परेशानी वाला होता है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से बच्चों की वर्दी खराब हो जाती है और कई बार उन्हें गिरने का डर बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़क के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रास्ते की स्थिति ज्यादा खराब होने पर स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
शिकायतों के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद 35 साल बाद भी गांव को पक्की सड़क नहीं मिल सकी है।
ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए जोखिम उठाना पड़ता है।
सड़क नहीं बनी तो चक्काजाम की चेतावनी
लंबे समय से सड़क निर्माण नहीं होने के कारण अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों के पालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके और बारिश के मौसम में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
35 साल की परेशानी, अब समाधान की मांग
पेंड्री गांव की बदहाल सड़क की तस्वीरें ग्रामीण विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। भाटापारा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव में आज भी विद्यार्थी बारिश के मौसम में कीचड़ और गड्ढों के बीच स्कूल जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क की मांग 35 साल से की जा रही है, तो आखिर पक्की सड़क के निर्माण के लिए और कितना इंतजार करना होगा?
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
