महा अवतार परशुराम : फिल्म का दमदार पोस्टर रिलीज, जहां धैर्य समाप्त होता है, वहां परशुराम का फरसा शुरू होता है

मनोरंजन: अक्षय तृतीया के मौके पर साउथ के फिल्ममेकर ने भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित सात-भागों वाला एनिमेटेड 'महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स' अपनी दूसरी फिल्म 'महावतार परशुराम' का पोस्टर रिलीज कर दिया है.अब मेकर्स ने एक विजुअली शानदार पोस्टर के साथ इसका ऑफिशियल ऐलान कर दिया है। फिल्म की टैगलाइन है 'जहां धैर्य समाप्त होता है, वहां परशुराम का फरसा शुरू होता है!' यह लाइन ही फिल्म के दमदार प्रभाव को बताने के लिए काफी है। इसके जरिए मेकर्स भगवान विष्णु के छठे अवतार, परशुराम की कहानी को भव्य औरप्रभावशाली तरीके से पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह फिल्म दिखाएगी कि कैसे विष्णु जी ने उन भ्रष्ट और अहंकारी राजाओं के अत्याचार को खत्म करने के लिए अवतार लिया, जिन्होंने धर्म का रास्ता छोड़ दिया था।
महा अवतार नरसिम्हा का मैजिक चला चुके हैं
बतादेंकि बीते साल महावतार नरसिम्हा रिलीज हुई थी.जो एक ऐतिहासिक भारतीय एनिमेटेड फिल्म है जिसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है लगभग 50 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म बॉक्स ऑफिस पर करीब 250 करोड़ रुपए कमाए थे..फिल्म ने वर्ल्डवाइड 300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था सबसे खासबात ये है कि फिल्म 1500% से अधिक का रिटर्न दिया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है नरसिम्हा भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एनिमेटेड फिल्म है. फिल्म नरसिम्हा ने ऑस्कर अवॉर्ड ने भी अपनी जगह बनाई थी और बेस्ट फॉरेन कैटेगिरी की एनिमेटेड लिस्ट में ऑस्कर अपने नाम किया था.वहीं महा अवतार परशुराम भारत के सबसे बड़े सिनेमैटिक यूनिवर्स का यह दूसरा हिस्सा अश्विन कुमार के निर्देशन में बन रहा है, जो आज के समय के बेहतरीन क्रिएटिव माइंड्स में से एक हैं। फिल्म की सांस्कृतिक और भावनात्मक नींव पर बात करते हुए प्रोड्यूसर विजय किरागांदुर ने कहा, 'हमारी कहानियां ही हमारी ताकत हैं। वही विरासत, शक्ति और उद्देश्य की कहानी है।' अश्विन कुमार की निर्देशित इस फिल्म को होम्बले फिल्म्स और कलीम प्रोडक्शन के बैनर तले विजय किरागांदुर और शिल्पा धवन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि इसका संगीत सैम सीएस (Sam CS) ने दिया है। ये फिल्म दिसंबर 2027 में रिलीज के लिए तैयार है।
कौन थे भगवान परशुराम
भगवान परशुराम, विष्णु के छठे अवतार, महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। त्रेता युग में जन्मे, वे शिवभक्त, शस्त्र विद्या के ज्ञानी और कलियुग के अंत तक जीवित रहने वाले 'अष्टचिरंजीवी' में से एक हैं। उन्होंने अहंकारी क्षत्रियों के अत्याचारों से पृथ्वी को 21 बार मुक्त किया। उन्हें मार्शल आर्ट (वदक्कन कलरी) का आदि गुरु माना जाता है। वहीं भगवान परशुराम महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। वे भृगुवंशीय ब्राह्मण थे और भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। महर्षि जमदग्नि सप्तऋषियों में से एक माने गए हैं, जो भृगु मुनि के वंशज थे
किसने दिया था परशुराम को फरसा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम को उनका प्रसिद्ध अजेय फरसा (परशु) भगवान शिव (महादेव) ने दिया था। कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें कई दिव्य अस्त्र-शस्त्र दिए थे, जिनमें यह फरसा प्रमुख था। इसी फरसे के कारण उनका नाम परशुराम पड़ा.
मान्यता: कहा जाता है कि झारखंड के टंगीनाथ धाम में परशुराम जी का वह फरसा आज भी गड़ा है।
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
