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मोहन का नारी शक्ति वंदन : सूबे की 30 फीसदी जिलों की कमान महिलाओं के हाथ, इन जिलों की संभाल जिम्मेदारी

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Apr 11, 2026
05:57 AM
सूबे की 30 फीसदी जिलों की कमान महिलाओं के हाथ, इन जिलों की संभाल जिम्मेदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश के 30 प्रतिशत जिलों की कमान महिलाओं के हाथ होगी। गुरूवार देर रात हुए प्रशासनिक फेर-बदल के माध्यम से यह विश्वास जताया है राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव के बाद महिला कलेक्टरों की संख्या 17 हो गई है। 55 जिलों वाले इस प्रदेश में महिलाओं की यह भागीदारी 30.90 प्रतिशत है।

इनमें वर्ष 2015 बैच की आईएएस अधिकारी शीला दाहिमा को श्योपुर और विदिशा मुखर्जी को बतौर मैहर कलेक्टर पहली बार पदस्थापना दी गई है। इसमें कलेक्टर उमरिया बनाई गई राखी सहाय का नाम भी शामिल है। यह तीनों ही अधिकारी लंबे समय से शासन के दूसरे विभागों में दायित्वों का निर्वहन कर रही थी, बावजूद इसके कलेक्टर जैसी जिले की स्वतंत्र जिम्मेदारी का इंजतार भी था। इतना ही नहीं जिलों में बढिया काम करने वाली महिला कलेक्टरों पर फिर विश्वास जताया है। जिसमें रीवा कलेक्टर रही 2012 बैच की प्रतिभा पाल को सागर और झाबुआ में मोटी आई जैसी योजना के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ मुहिम चलाने वाली 2014 बैच की कलेक्टर नेहा मीणा को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है।

उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा महिला कलेक्टर

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह संभाग उज्जैन में सबसे ज्यादा महिला कलेक्टर पदस्थ हैं। 10 संभागों में उज्जैन अकेला संभाग है जहां कुल 7 जिलों वाले इस संभाग के 4 जिले महिला अधिकारियों के प्रशासनिक नियंत्रण में है। जिसमें रतलाम में सुश्री मिशा सिंह, शाजापुर ऋजु वाफना, आगर मालवा प्रीती यादव और मंदसौर कलेक्टर सुश्री अदिति गर्ग के नाम शामिल है।

गृह विभाग भी महिलाओं के जिम्मे

प्रदेश का गृह विभाग बतौर सचिव महिला अधिकारी ही चलाएंगी। वर्ष 2009 बैच के अधिकारी अभिषेक सिंह के स्थान पर यहां वर्ष 2008 बैच की अधिकारी शिल्पा गुप्ता को पदस्थ किया गया है। जबकि बतौर सचिव 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी कृष्णा वेणी देशावतु पहले से तैनात हैं। बता दें कि गृह विभाग में दो सचिव होते हैं। जिसमें एक आईपीएस

होता है।

इन जिलों में महिलाएं कलेक्टर

1, खरगोन भव्या मित्तल

2, बडवानी जयति सिंह

3, आलीराजपुर नीतू माथुर

4, रतलाम मिशा सिंह

5, शाजापुर ऋजु बाफना

6, आगर मालवा प्रीति यादव

7, मंदसौर अदिति गर्ग

8, ग्वालियर रूचिका चैहान

9, श्योपुर शीला दाहिमा

10, मैहर बिदिशा मुखर्जी

11, उमरिया राखी सहाय

12, सागर प्रतिभा पाल

13, पन्ना ऊषा परमार

14, निवाड़ी जमुना भिडे

15, नरसिहंपुर रजनी सिंह

16, सिवनी नेहा मीना

17, डिण्डोरी अंजू पवन भदौरिया

इसलिये महत्वपूर्ण है पदस्थापना

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) केंद्र की जल्द ही इसी माह संसद में पेश करने जा रही है। इसके पहले मप्र सरकार भी नारी शक्ति वंदन उत्सव के माध्यम से आम नागरिकों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण संबंधी अधिनियम से परिचित कराने 25 अप्रैल तक कई आयोजन करने जा रही है। 10 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के पहले प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं को स्वतंत्र जिम्मेदारी सौंपकर महिला शक्ति के अभिनंदन का संदेश दिया है।

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