शुक्रवार, 17 अप्रैल 202609:55:49 AM
Download App
Home/धर्म

भक्तों की पंचकोशी यात्रा का समापन : बैशाख अमास्या पर भगवान शिव को जलधारा अर्पित करने से कई जन्मों का मिलता है पुण्य

admin

admin

Apr 17, 2026
07:18 AM
बैशाख अमास्या पर भगवान शिव को जलधारा अर्पित करने से कई जन्मों का मिलता है पुण्य

उज्जैन। उज्जैन में वैशाख अमावस्या के मौके पर भक्त बड़ी संख्या में शिप्रा नदी में स्नान करने के लिए पहुंच रहे है। भक्त भगवान शिव को जल अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पितरों को जल अर्पण कर रहे हैं। वैशाख अमावस्या का यह अवसर पंचक्रोशी यात्रा से जुड़ा है, जो एकादशी से अमावस्या तक भक्तों द्वारा की जाने वाली 118 किलोमीटर की तीर्थयात्रा है। आज भक्तों की पंचक्रोशी यात्रा का अंतिम दिन है।

सनातन धर्म में वैशाख मास की अमावस्या का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन तिथि पर भगवान शिव को जलधारा अर्पित करने का विधान है, जिससे महादेव को शीतलता प्राप्त होती है और साधक को कई जन्मों के पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पंडित दीपक पंड्या ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, ष्वैशाख कृष्ण अमावस्या के दिन शास्त्रों और पुराणों में स्नान को विशेष महत्व दिया गया है। उज्जैन में हजारों श्रद्धालु शिप्रा नदी में पवित्र स्नान करते हैं, जिसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। आज के दिन सभी लोग स्नान करते हैं और जिन लोगों की पंचक्रोशी यात्रा पूरी हो गई है, वो शिप्रा नदी में स्नान कर अपने घर वापस आते हैं।

आज का दिन दान और पितरों के लिए अनुष्ठान का विशेष महत्व

वैशाख अमावस्या पर दान का महत्व बताते हुए पुजारी ने कहा, आज के दिन दान और पितरों के लिए किए गए अनुष्ठान का बहुत महत्व है। वहीं पंडित राकेश जोशी कहते हैं, ष्सनातन धर्म में वैशाख अमावस्या का विशेष महत्व है। वैशाख, श्रावण और कार्तिक जैसे महीने अत्यधिक शुभ माने जाते हैं, इस दौरान भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। खासकर भगवान शिव को शीतल जलधारा अर्पित की जाती है, जिससे भगवान अपने भक्तों के जीवन में भी शीतलता प्रदान करें।

बैशाख मास की महिमा इसलिए भी है खास

बता दें कि वैशाख मास की महिमा इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसी दौरान महाकुंभ और पवित्र पंचक्रोशी यात्रा का संयोग बनता है। एकादशी से अमावस्या तक चलने वाली 118 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा में श्रद्धालु भक्ति भाव से नगर परिक्रमा करते हैं। जो लोग शारीरिक रूप से मुख्य यात्रा करने में असमर्थ हैं, वे छोटी पंचक्रोशी यात्रा या चैरासी महादेव के दर्शन कर पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से आयु, आरोग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें