समय का सच : 12 वर्षों का स्वर्णिम सफर, प्रगति के पंखों पर मध्यप्रदेश

-UMEESH GUPTA
12 वर्षों का गौरवशाली सफर- मोदी शासन में मध्य प्रदेश की उड़ान,बदली सोच, बदली व्यवस्था और विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ते कदम को मध्य प्रदेश के जन जन तक पहुंचाने के लिए दिनांक 13 जून 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह, भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, वित्त एवं उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा तथा मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल जी की उपस्थिति कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
इस कार्यक्रम ने एक बार फिर याद दिलाया कि भारत और मध्य प्रदेश की कहानी अब विकास, सुशासन और जनकल्याण की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने जो काम किया है, वह न सिर्फ आंकड़ों में, बल्कि गांव-गांव, खेत-खलिहान और आम जनता के जीवन में दिख रहा है।
लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन कुछ कालखंड ऐसे होते हैं जो केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के प्रतीक बन जाते हैं। वर्ष 2014 में देश ने एक ऐसे नेतृत्व को चुना जिसने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" को केवल नारा नहीं, बल्कि शासन का आधार बनाने का प्रयास किया। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, तब यह मूल्यांकन आवश्यक है कि इन वर्षों में देश और विशेष रूप से मध्य प्रदेश को क्या मिला। बारह वर्षों की इस यात्रा को यदि एक वाक्य में परिभाषित करना हो तो कहा जा सकता है कि भारत ने आशाओं से उपलब्धियों तक और योजनाओं से परिणामों तक का सफर तय किया है।
12 वर्ष पहले 2014 में जब मोदी जी सत्ता में आए, तब देश और प्रदेश कई चुनौतियों से घिरा था। आज 2026 में स्थिति पूरी तरह बदली हुई है। अर्थव्यवस्था $2 ट्रिलियन से बढ़कर $4.18 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई है, भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। मध्य प्रदेश में यह बदलाव और भी ठोस और अनुभवगम्य है।
मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत "जनकल्याणकारी योजनाओं" का सीधा, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त वितरण रहा है। मोदी सरकार की 12 वर्ष की यात्रा को केवल योजनाओं की सूची से नहीं, बल्कि शासन शैली के बदलाव से भी समझना होगा। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, डिजिटल भुगतान, तेज़ अवसंरचना निर्माण, और जन-केंद्रित कल्याण मॉडल ने प्रशासन को पहले की तुलना में अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया। सरकार के समर्थकों ने इस अवधि को “वेलफेयर + इंफ्रास्ट्रक्चर” मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया है, जहां एक तरफ लाभार्थी को राहत मिली और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को गति मिली।
विपक्ष जो भी कहे, ग्राउंड पर यह भी सच है कि जनता अब सरकार से सिर्फ घोषणा नहीं, डिलीवरी की उम्मीद करती है। यही इस 12-वर्षीय कालखंड की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि नीति-बहस का केंद्र “किया क्या गया” की ओर शिफ्ट हुआ है। यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत है, क्योंकि अब शासन का मूल्यांकन नारों से नहीं, नतीजों से होता है।
बात मध्य प्रदेश की _
मध्य प्रदेश लंबे समय तक भौगोलिक दृष्टि से देश के केंद्र में होने के बावजूद आर्थिक दृष्टि से अपनी संभावनाओं का पूरा उपयोग नहीं कर पाया था। लेकिन पिछले एक दशक में केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय ने विकास को नई गति प्रदान की। सड़क नेटवर्क का विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण, रेलवे के आधुनिकीकरण और औद्योगिक निवेश ने प्रदेश की तस्वीर बदलने का कार्य किया है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर आज नए भारत की विकास यात्रा के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। उज्जैन में "महाकाल लोक" का निर्माण केवल धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का सशक्त उदाहरण है। इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
- "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" के तहत 81 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न मिल रहा है। मध्य प्रदेश में 1.33 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला।
- "प्रधानमंत्री आवास योजना"में करोड़ों परिवारों को पक्के घर मिले; MP इसमें देश में अग्रणी रहा है।
- "उज्ज्वला योजना" से 11 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को LPG कनेक्शन मिले, जिससे धुएं भरी रसोई से मुक्ति मिली।
- "आयुष्मान भारत" ने गरीबों को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया।
- "जल जीवन मिशन" से करोड़ों घरों में नल से जल पहुंचा।
ये योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के गांवों-कस्बों में जमीन पर उतरी हैं। "लाड़ली बहना योजना" जैसी राज्य योजनाओं के साथ केंद्र की योजनाएं मिलकर महिलाओं, किसानों और गरीबों का जीवन आसान बना रही हैं।
मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। "पीएम किसान सम्मान निधि" से 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को सीधे बैंक खाते में पैसा पहुंचा। "पीएम कृषि सिंचाई योजना"और "केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल" जैसी नदी लिंक परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता बढ़ रही है। MP दलहन, तिलहन, मक्का और टमाटर उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। स्वामित्व योजना से गांवों में संपत्ति के अधिकार पत्र मिले, जिससे विवाद कम हुए और आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।
12 वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, वंदे भारत ट्रेनें, एयरपोर्ट्स की संख्या (74 से 160+), मेट्रो का विस्तार और डिजिटल कनेक्टिविटी ने देश को बदला है। मध्य प्रदेश में इंदौर-भोपाल मेट्रो, नए एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और सड़कें आम आदमी की जिंदगी को तेज कर रही हैं।
"डिजिटल इंडिया" और UPI ने क्रांति लाई। 25 करोड़ इंटरनेट यूजर्स से बढ़कर 100 करोड़ से ज्यादा हो गए। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता आई। MP में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से ₹32 लाख करोड़+ के प्रस्ताव आए, ₹8.57 लाख करोड़ धरातल पर। औद्योगिक विकास में तीसरा स्थान, लाखों रोजगार सृजन -युवाओं के लिए नए अवसर।
जनधन खातों में करोड़ों महिलाओं का सशक्तिकरण, लखपति दीदी कार्यक्रम, स्व-सहायता समूह -नारी शक्ति अब विकास की धुरी है। युवाओं के लिए स्किल इंडिया, स्टार्टअप्स और ITIs का विस्तार। सुशासन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ने विश्वास बढ़ाया।
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार के नेतृत्व में ये प्रयास और तेज हुए , गरीब कल्याण मिशन, उद्योग वर्ष, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुधार, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
डबल इंजन सरकार का मतलब है "गति और प्रगति"।
कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। उस कठिन समय में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की बल्कि दुनिया के अनेक देशों की सहायता भी की। वैक्सीन निर्माण से लेकर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक भारत ने अपनी क्षमता का परिचय दिया।
संक्षेप में लेखा जोखा मध्यप्रदेश का -
पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश ने,
5,869 किमी नई रेल लाइन,
12,000 किमी नई सड़क,
10+ एयरपोर्ट (8 वर्तमान + 4 नए),
80 लाख+ ग्रामीण घरों में नलजल,
6 नई मेडिकल कॉलेज,
₹1,04,987 करोड़ रेल निवेश,
₹10,801 करोड़ सड़क विकास,
₹1,674 करोड़ स्वास्थ्य,
जैसी बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को लागू किया है। ये
विजन 2047 की नींव-
ये 12 वर्ष सिर्फ आंकड़ों के नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों- खासकर मध्य प्रदेश के किसान, महिला, युवा, गरीब और मध्यम वर्ग के — जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के हैं। वादाखिलाफी वाली पुरानी राजनीति की जगह "इरादा, नीति और निर्णय" की राजनीति आई है।
प्रधानमंत्री मोदी जी का विजन 2047 विकसित भारत का है, और मध्य प्रदेश उसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन रास्ता साफ है -
"सुशासन, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का।"
आज भारत केवल बदलता हुआ देश नहीं, बल्कि बदल चुकी मानसिकता का राष्ट्र दिखाई देता है। एक ऐसा राष्ट्र जो समस्याओं की चर्चा से आगे बढ़कर समाधानों पर विश्वास करता है, जो संभावनाओं को पहचानता है और जो 2047 के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
समय साक्षी है। सत्य यही है।
"यही है - समय का सच।"
लेखक TV 27 News में 'कंसल्टिंग एडिटर एवं वाइस प्रेसिडेंट" एवं " मीडिया प्रबंधन" में PhD शोधार्थी हैं,
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
