कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : रिंग में गरजा भारत, जादुमणि ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से रौंदकर किया बाहर

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन लगातार जारी है। रविवार को भारत ने बॉक्सिंग रिंग में अपने सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक में पाकिस्तान पर बड़ी जीत दर्ज की। भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने पुरुष वर्ग के मुकाबले में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं महिला 54 किलोग्राम वर्ग में एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने भी शानदार जीत दर्ज करते हुए अंतिम-8 में प्रवेश किया। अब दोनों भारतीय मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने से केवल एक जीत दूर हैं।
भारत-पाक मुकाबले में जादुमणि का दबदबा
एसईसी सेंटर में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले से पहले ही माहौल पूरी तरह भारतीय समर्थकों के रंग में रंग चुका था। स्टेडियम में 'भारत माता की जय' और 'इंडिया-इंडिया' के नारों की गूंज ने मुकाबले का रोमांच कई गुना बढ़ा दिया। इस जोशीले माहौल में जादुमणि सिंह ने शानदार आत्मविश्वास और संयम का परिचय देते हुए शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
पहले राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे की रणनीति को परखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे राउंड में जादुमणि ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए लगातार तेज हुक और सटीक स्ट्रेट पंच लगाए। उनके दमदार राइट हैंड पंच से पाकिस्तानी मुक्केबाज सुमामा रहमान पूरी तरह लड़खड़ा गए, जिसके बाद रेफरी को उन्हें स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय मुक्केबाज के नियंत्रण में आ गया।
तीसरे राउंड में दिखाया क्लास, सर्वसम्मति से मिली जीत
अंतिम राउंड में जादुमणि सिंह पूरे आत्मविश्वास के साथ रिंग के बीचों-बीच डटे रहे। उन्होंने शानदार फुटवर्क, तेज काउंटर अटैक और सटीक पंचों के जरिए लगातार अंक जुटाए। पाकिस्तानी मुक्केबाज वापसी का कोई मौका नहीं बना सके। मुकाबले के अंत में पांचों जजों ने सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले के साथ जादुमणि को विजेता घोषित किया।
कारगिल के वीरों को समर्पित की जीत
भारतीय सेना के जवान जादुमणि सिंह के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि यह कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के अवसर पर मिली। मुकाबले के बाद उन्होंने अपनी जीत कारगिल के वीर सैनिकों को समर्पित करते हुए कहा, "मैं यह जीत कारगिल के नायकों को समर्पित करता हूं। मेरा लक्ष्य सभी मुकाबले जीतकर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।" उनके इस बयान ने स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों का उत्साह और बढ़ा दिया।
प्रीति पवार ने भी दिखाई ताकत
महिला 54 किलोग्राम वर्ग में भारत की स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मलावी की डेबोरा मटेंजे को दूसरे राउंड में रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। प्रीति ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले राउंड में पांचों जजों ने उन्हें विजेता माना, जबकि दूसरे राउंड में उनकी प्रतिद्वंद्वी दो बार स्टैंडिंग काउंट का शिकार हुईं। मुकाबला खत्म होने से 47 सेकंड पहले रेफरी ने एकतरफा स्थिति को देखते हुए मुकाबला रोक दिया और प्रीति को विजेता घोषित कर दिया।
आदित्य प्रताप को मिली निराशा
हालांकि भारत के लिए दिन का अंत पूरी तरह सुखद नहीं रहा। पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में भारतीय मुक्केबाज आदित्य प्रताप को युगांडा के नूहू बाट्टे के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में हार के साथ उनका कॉमनवेल्थ गेम्स अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया।
पदक की उम्मीदें बढ़ीं
जादुमणि सिंह और प्रीति पवार की शानदार जीत ने भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है। दोनों मुक्केबाज अब क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल कर सेमीफाइनल में पहुंचने और देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का करने के इरादे से रिंग में उतरेंगे। भारतीय बॉक्सिंग दल से अब स्वर्ण पदक की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
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