दलीप ट्रॉफी के फाइनल में फुल ड्रामा : तिलक को वैभव का ‘रिटर्न गिफ्ट’, 4 दिन फिर दिखी जबरदस्त तकरार

चेन्नई। दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच मुकाबला भले ही बल्ले और गेंद के बीच चल रहा हो, लेकिन चैथे दिन मैदान पर एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने मैच की पुरानी कहानी फिर याद दिला दी। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के पास जाकर कुछ कहा। खास बात यह रही कि चार दिन पहले तिलक भी वैभव से इसी तरह बातचीत करते नजर आए थे।
तिलक के पास पहुंचे वैभव
चैथे दिन साउथ जोन की स्थिति बेहद खराब थी। ईस्ट जोन के 708 रन के विशाल स्कोर के सामने साउथ की पारी लड़खड़ा चुकी थी और आठ विकेट गिर चुके थे। तिलक वर्मा एक छोर पर टिके हुए टीम की पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान वैभव उनके पास पहुंचे।
दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई। वैभव ने अपनी बात कही और फिर बिना किसी अतिरिक्त प्रतिक्रिया के वापस अपनी जगह लौट गए। मैदान पर मौजूद लोगों का ध्यान इस छोटे से घटनाक्रम पर इसलिए गया, क्योंकि फाइनल के पहले दिन भी दोनों खिलाड़ियों के बीच ऐसी ही बातचीत देखने को मिली थी।
पहले तिलक ने की थी पहल
फाइनल के शुरुआती दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। इसी दौरान तिलक वर्मा युवा वैभव सूर्यवंशी के पास पहुंचे थे और दोनों के बीच कुछ शब्दों का आदान-प्रदान हुआ था। उस समय ऐसा लगा था कि तिलक युवा बल्लेबाज पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
चार दिन बाद हालात पूरी तरह बदल चुके थे। मुकाबला ईस्ट जोन की पकड़ में था और तिलक अपनी टीम को संकट से निकालने के लिए संघर्ष कर रहे थे। ऐसे में वैभव का उनके पास पहुंचना उसी पुराने घटनाक्रम का जवाब माना गया।
708 के जवाब में 336 पर साउथ ढेर
मैच में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का पहाड़ खड़ा किया। जवाब में साउथ जोन की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने लगातार विकेट निकालकर दबाव बनाए रखा।
साउथ जोन की पूरी टीम पहली पारी में 336 रन पर सिमट गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन टीम को संकट से नहीं निकाल सके। इस तरह ईस्ट जोन ने विशाल बढ़त के साथ फाइनल पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।
मैदान पर वैभव और तिलक का यह छोटा-सा संवाद मुकाबले के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गया।
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