Delhi hydrogen bus : दिल्ली मेट्रो ने शुरू की पहली हाइड्रोजन शटल बस सर्विस

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 15 मई से राजधानी में अपनी पहली हाइड्रोजन पावर्ड शटल बस सर्विस शुरू कर दी है। DMRC ने यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद की है जिसमें उन्होंने वैश्विक तनाव के बी ईंधन की खपत को कम करने का आग्रह किया था।
IOCL से डीएमआरसी को मिली हाइड्रोजन बस
राजधानी में शुरू इस बस सेवा सेंट्रल विस्टा एरिया को कवर करेगी। यात्रियों को यह शटल सर्विस केंद्रीय सचिवालय से सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन तक मिलेगी। डीएमआरसी को यह बस इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की ओर से प्रदान की गई है। टाटा मोटर्स द्वारा विकसित इस बस को कंपनी ने वर्ष 2023 में आईओसीएल को सौंपा था।
स्मार्ट सफर की नई शुरुआत
हाइड्रोजन तकनीक से लैस दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की यह बस आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का उदाहरण मानी जा रही है। बस में हाइड्रोजन पावर्ड पीईएम (Proton Exchange Membrane) फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया गया है, जो हाइड्रोजन गैस से बिजली तैयार करती है। इस प्रक्रिया में प्रदूषण बेहद कम होता है और केवल पानी व जलवाष्प ही उत्सर्जित होते हैं।
हाइड्रोजन बस की खासियत
बस में 350-बार क्षमता वाला हाई-प्रेशर हाइड्रोजन स्टोरेज सिस्टम लगाया गया है, जिसमें हाइड्रोजन सुरक्षित रूप से स्टोर रहती है। इसके साथ 70 किलोवाट का फ्यूल सेल लगाया गया है, जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक संयोजन से ऊर्जा पैदा करता है। यही ऊर्जा बस के इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है, जिससे बस बिना डीजल या पेट्रोल के चलती है।
यह तकनीक पारंपरिक ईंधन के मुकाबले ज्यादा स्वच्छ और ऊर्जा दक्ष मानी जाती है। इसके अलावा हाइड्रोजन बसों में शोर भी कम होता है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलता है। राजधानी में इस तरह की बसों की शुरुआत को ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अभिलाषा कनाडे
खबरी दुनिया की ऑल राउंडर। टीवी जर्नलिज़्म में एक दशक का सफर पूरा कर रही हैं। टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया का प्रगाढ़ अनुभव।
