बामुलाहिजा : बीजेपी में नए चेहरे भारी, संगठन की कुर्सी खाली; कांग्रेस का Gen-Z प्लान तैयार

-संदीप भम्मरकर
बड़े चेहरों पर भारी नए चेहरे
बीजेपी में अब कद से ज्यादा कैडर का वजन तौला जा रहा है। नितिन नवीन की नई टीम में एमपी से आए नामों ने यही संदेश दिया है। लालसिंह आर्य, गजेंद्र पटेल, वीडी शर्मा, कविता पाटीदार, बंशीलाल गुर्जर और आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली, तो पुराने दिग्गजों के हिस्से इंतजार आया। हालांकि नई जमावट के बाद वीडी शर्मा की मोदी कैबिनेट वाली संभावनाओं पर भी विराम लग गया है, जबकि नरोत्तम मिश्रा को भी कुछ हाथ नहीं लगा। गलियारों में चुटकी है, “बीजेपी की नई डिक्शनरी में ‘बड़ा चेहरा’ की परिभाषा बदल गई है और ‘काम के चेहरे’ के भी मायने बदल गए हैं।
नाम तय, बस मुहूर्त बाकी
संगठन की कुर्सी खाली है, लेकिन दावेदारों के कानों तक खबर पहुंच चुकी है! नितिन नवीन की नई टीम आने के बाद एमपी बीजेपी में अब संगठन महामंत्री की नियुक्ति ही बाकी रह गई है। चर्चा है कि संघ की विशाखापट्टनम बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है। अंदरखाने खबर यह भी है कि संगठन मंत्री स्तर के कुछ चेहरों को लेकर संघ में बातचीत का दौर पूरा हो चुका है। जिनके नाम गंभीरता से चल रहे हैं, उन तक संकेत भी पहुंचाए जा चुके हैं।
क्या हैं रील के राज़
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रुटीन सियासत के मामले में खुद को केवल विदिशा संसदीय क्षेत्र तक सीमित कर रखा है। लेकिन उनकी सोशल मीडिया की रीलें पूरे प्रदेश में धूम मचा रही हैं। वे जब-तब वायरल हो जाती हैं और पार्टी के दूसरे नेताओं की नींद उड़ा रही हैं। उनकी वायरल रील्स में लोग उन्हें पुकारते नजर आते हैं... मामा फिर से आ जाओ... मामा तुमने हमारी जिंदगी संवार दी... ऐसी भावुक अपीलों पर मामा कोई जवाब नहीं देते हैं, केवल मुस्कुराते हुए आगे निकल जाते हैं। खास बात ये है कि शिवराज दिल्ली से लौटकर भोपाल में अपने सरकारी बंगले में ठहरते हैं। बस रील यहीं आते-जाते बन जाती हैं।
तोमर का दिल्ली वाला दांव
सियासत में विरासत मिल सकती है, लेकिन नेटवर्क खुद कमाना पड़ता है। बीजेपी के कई दिग्गजों की अगली पीढ़ी अपनी जगह तलाश रही है, मगर नरेंद्र सिंह तोमर ने बेटे देवेंद्र तोमर के लिए दिल्ली में अलग ही बिसात बिछा रखी है। समारोहों में पिता की नुमाइंदगी करते-करते देवेंद्र का बड़े सियासी परिवारों से मेल-मुलाकात और राब्ता बढ़ रहा है। तस्वीरों में बढ़ती सहजता भी अब नोटिस की जाने लगी है। फिलहाल कोई कुर्सी सामने नहीं, मगर गलियारों में चुटकी है, तोमर साहब मोहरा आज चला रहे हैं… शायद निशाना कई चाल आगे का है।
कांग्रेस का ‘Gen-Z’ वाला दांव!
जिस चेहरे ने जंतर-मंतर पर युवाओं को जुटाया, अब उसी चेहरे पर कांग्रेस की नजर है। पार्टी की एक आला बैठक में सोनम वांगचुक को एमपी बुलाने का आइडिया सामने आया है। प्लान है कि इंदौर या जबलपुर में युवाओं से बड़ा संवाद हो और इसके जरिए Gen-Z के बीच कांग्रेस अपनी पैठ बढ़ाए। दोनों शहरों में युवा आंदोलनों की हलचल पहले भी दिख चुकी है, इसलिए लोकेशन भी सोच-समझकर चुनी जा रही है। योजना अभी कागजों में है, मगर गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है, वांगचुक एमपी आए तो संवाद कितना होगा और सियासी तूफान कितना उठेगा?
admin
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