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एशियाड 2026 में भारत के लिए खुशियों भरा दिन : बॉक्सिंग, तीरंदाजी और कुश्ती के बाद बेटियों ने हॉकी में किया स्वर्णिम वार, 44 साल का सूखा भी खत्म

admin

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Oct 02, 2026
01:44 PM
बॉक्सिंग, तीरंदाजी और कुश्ती  के बाद बेटियों ने हॉकी में किया स्वर्णिम वार, 44 साल का सूखा भी खत्म

काकामिगाहारा। एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए खुशियों भरा रहा। भारतीय खिलाडिय़ों ने शुक्रवार को 10 मेडल पर दांव लगाया। इसमें 6 गोल्ड , 2 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहें। भारत की झोली में 3 गोल्ड बॉक्सिंग में 1-1 गोल्ड तीरंदाजी, कुश्ती और छठवां गोल्ड भारत को महिला हॉकी में मिला। भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण हासिल किया। साथ ही भारत ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली।

भारत की जीत की नायिका लालरेमसियामी रहीं, जिन्होंने मुकाबले के 10वें मिनट में शानदार गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाडिय़ों ने चीन के लगातार हमलों का डटकर सामना किया और अपनी बढ़त को अंत तक कायम रखा।

लालरेमसियामी का निर्णायक प्रहार

मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर दिखाए। कप्तान सलीमा टेटे और साक्षी ने बेहतरीन तालमेल बनाते हुए चीन के घेरे में सेंध लगाई। इसी हमले को लालरेमसियामी ने शानदार उल्टे प्रहार के जरिए गोल में बदल दिया। शुरुआती 10 मिनट में मिली यह बढ़त आखिरकार भारत के लिए निर्णायक साबित हुई।

सविता ने बचाया चीन का पक्का गोल

दूसरे चरण में चीन ने जोरदार वापसी की कोशिश की। चीन को दो दंड कोण मिले और 23वें मिनट में दंड प्रहार का भी अवसर मिला। झांग यिंग ने इस मौके को गोल में बदलने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गोलरक्षक सविता पूनिया दीवार बनकर सामने खड़ी रहीं। उन्होंने शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया।

इसके बाद तीसरे चरण में भी चीन ने लगातार दबाव बनाया। चीनी खिलाडिय़ों को तीन दंड कोण मिले। एक अवसर पर निर्णायक ने चीन को दंड प्रहार दे दिया था, लेकिन भारतीय टीम के पुनरावलोकन के बाद निर्णय बदला गया और चीन को केवल दंड कोण मिला।

आखिरी मिनट तक डटा भारतीय बचाव

चौथे चरण में चीन ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने हर हमले को नाकाम कर दिया। चीन को इस चरण में कोई दंड कोण भी नहीं मिला। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाडिय़ों ने मैदान पर जश्न मनाया।

44 साल बाद फिर स्वर्ण

एशियाई खेलों में महिला हॉकी की शुरुआत 1982 में हुई थी और पहले ही संस्करण में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 1998 और 2018 में भारत ने रजत पदक हासिल किया। 1986, 2006, 2014 और 2022 में टीम को कांस्य पदक मिला था। अब 44 साल बाद भारतीय बेटियों ने फिर स्वर्णिम इतिहास दोहरा दिया।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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