सेवा संकल्प अभियान : मप्र में 30 हजार पात्र परिवारों को मिलेगी पक्की छत, नगरीय निकायों में लगेंगे शिविर, पारदर्शिता पर जोर

भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत मध्यप्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए विशेष ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। 17 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। सरकार ने अभियान के दौरान प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 30 हजार नए आवासों की स्वीकृति देने का लक्ष्य तय किया है।
पात्र परिवारों तक पहुंचेगा योजना का लाभ
अभियान का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आवास योजना से जोड़ना है, जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं और पक्के मकान के लिए सरकारी सहायता के हकदार हैं। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में विशेष हितग्राही निर्माण सहायता शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्रता की शर्तों, जरूरी दस्तावेज और आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पात्र परिवारों के लिए आवास स्वीकृति की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर जोर है।
नगर निकायों को दिया गया लक्ष्य
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत अलग-अलग निकायों के लिए न्यूनतम आवास स्वीकृति का लक्ष्य तय किया गया है। नगर परिषदों को कम से कम 50, नगर पालिकाओं को 100 और नगर पालिका निगमों को कम से कम 500 नए आवास स्वीकृत करने का लक्ष्य दिया गया है। इस व्यवस्था के जरिए छोटे से लेकर बड़े नगरीय निकायों में आवास योजना के काम को गति देने की तैयारी है।
पहले से स्वीकृत मकानों की किस्त पर भी जोर
सरकार ने नए आवासों की स्वीकृति के साथ पहले से मंजूर मकानों के निर्माण को भी तेजी देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि पात्र हितग्राहियों को पहली और दूसरी किस्त का शत-प्रतिशत तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। किस्त मिलने में देरी नहीं होने से हितग्राही अपने मकान का निर्माण समय पर आगे बढ़ा सकेंगे। इससे योजना के तहत स्वीकृत आवासों को अधूरा छोड़ने की स्थिति को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पारदर्शिता के साथ लक्ष्य पूरा करने की तैयारी
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से सरकार का लक्ष्य नगरीय क्षेत्रों में अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्के मकान की सुविधा से जोड़ना है। शिविरों के जरिए आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर भी जोर दिया जा रहा है। 17 अक्टूबर तक 30 हजार नए आवासों की स्वीकृति का लक्ष्य पूरा करने के लिए नगरीय निकायों को सक्रिय रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आवास की जरूरत वाले हजारों परिवारों को सरकारी सहायता मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
