“छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज : विष्णु देव साय कैबिनेट के अहम फैसले, महिलाओं को भूमि रजिस्ट्रेशन पर मिलेगी बड़ी छूट

छत्तीसगढ़ : रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में साय कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इस बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को मंजूरी दे दी है.
कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्ष्ता में हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने 9 अहम फैसले लिए हैं। साय सरकार ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का फैसला लिया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा और समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। बता दें कि गोवा, उत्तराखंड, गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू होगा

बैठक में महिलाओं को सौगात
इसके अलावा साय सरकार ने प्रदेशवासियों को कई और बड़ी सौगात दी है। इनमें महिलाओं को भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में बड़़ा फैसला लिया। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है
लागू होंगे समान नागरिक संहिता
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा
यूसीसी पर कांग्रेस का बयान
वहीं कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में UCC कमेटी गठन के फैसले पर सवाल उठाए हैं. पीसीसी मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार UCC लागू कर राज्य के आदिवासियों के अधिकारों में दखल देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से PESA कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है, ऐसे में UCC लागू करने का कोई औचित्य नहीं है. उद्योगपति मित्र हटा देंगे
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)?
UCC यानि यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए शादी, तलाक, गोद लेना और संपत्ति के अधिकार जैसे निजी मामलों में एक समान कानून लागू हो. वर्तमान में भारत में ये सभी मामले अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ के आधार पर संचालित होते हैं. UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लिए एक ही कानून प्रभावी होगा
किन राज्यों में पहले से लागू है UCC?
वर्तमान में भारत में गोवा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है. अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद UCC का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. इसके बाद इसे कैबिनेट और विधानसभा में पेश किया जा सकता है. कानून बनने के बाद ही इसे राज्य में लागू किया जाएगा
नीलम अहिरवार
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