महाकाल की नगरी में तमन्ना भाटिया का आध्यात्मिक अनुभव : भस्म आरती में शामिल होकर बोलीं- “यह बाबा का बुलावा और मेरा सौभाग्य”

उज्जैन। बॉलीवुड अभिनेत्री तमन्ना भाटिया मंगलवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में हिस्सा लिया। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी पर आयोजित इस दिव्य आरती में हजारों श्रद्धालुओं के साथ अभिनेत्री भी पूरी श्रद्धा और भक्ति में लीन नजर आईं। मंदिर परिसर सुबह से ही “जय महाकाल” के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा था।
मोगरा और मखानों से हुआ बाबा महाकाल का अलौकिक शृंगार
भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष शृंगार मोगरा और मखानों की आकर्षक मालाओं से किया गया। गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर तक भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। आरती के समय वातावरण इतना आध्यात्मिक हो गया कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते रहे। मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से संचालित होती रहीं।
“महाकाल बुलाते हैं तभी यहां आना संभव होता है”
भस्म आरती के बाद मीडिया से बातचीत में तमन्ना भाटिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महाकाल मंदिर आना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “यह ऐसा स्थान है जहां इंसान तभी पहुंच पाता है, जब बाबा का बुलावा आता है।” अभिनेत्री ने बताया कि भस्म आरती का अनुभव शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है, क्योंकि यहां की ऊर्जा और सकारात्मकता मन को भीतर तक छू जाती है।
“भगवान को सिर्फ धन्यवाद कहने आई थी”
तमन्ना ने कहा कि वह बाबा महाकाल के दरबार में केवल भगवान का धन्यवाद करने आई थीं। उन्होंने कहा कि जीवन में उन्हें जो प्रेम, सफलता और सम्मान मिला है, उसके लिए वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं। अभिनेत्री के अनुसार, महाकाल मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हर भक्त एक साथ बैठकर शांति और भक्ति के साथ आरती का अनुभव करता है। यही आध्यात्मिक ऊर्जा इंसान को भीतर से सुकून और आनंद प्रदान करती है।
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