कीमती धातुओं में बिकवाली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का दिखा असर, डाॅलर की मजबूती ने निवेशकों को दिया जोर का झटा

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया। सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 845 रुपये की गिरावट के साथ 1,42,633 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में गिरावट और गहराई तथा यह 1,42,064 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से करीब एक प्रतिशत कम था।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी निवेशकों की बिकवाली देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 की चांदी का वायदा अनुबंध 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,18,648 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें और कमजोरी आई तथा कीमत 2,18,476 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,17,277 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर भी छुआ। इस तरह चांदी में लगभग 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिखा असर
घरेलू बाजार ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार कॉमेक्स में सोना करीब 1.27 प्रतिशत गिरकर 4,061 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार पर भी देखने को मिला, जहां निवेशकों ने मुनाफावसूली और सतर्क रुख अपनाया।
डॉलर की मजबूती बनी गिरावट की बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों का रुझान अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 100.90 के स्तर पर पहुंच गया, जिससे सोने और चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बना। डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को दर्शाता है और इसके मजबूत होने पर आमतौर पर कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी देखने को मिलती है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर बाजार की नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर की गई ताजा सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। इसके जवाब में ईरान भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और वैश्विक घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी की चाल पर देखने को मिल सकता है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
