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आईजीसी के बेड़े में शामिल हुआ आईसीजीएस अचल : वाडिनार में तैनाती से बढी समुद्री ताकत, आधुनिक तकनीक से लैस है पोत

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 23, 2026
06:05 AM
वाडिनार में तैनाती से बढी समुद्री ताकत, आधुनिक तकनीक से लैस है पोत

नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के बेड़े में शामिल अत्याधुनिक तेज गश्ती पोत आईसीजीएस अचल उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के अपने बेस बंदरगाह वाडिनार पहुंच गया है। इस अवसर पर विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस तैनाती को देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आधुनिक तकनीक से लैस है 51 मीटर लंबा पोत

आईसीजीएस अचल को 9 मई 2026 को गोवा में औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया था। 51 मीटर लंबा यह फास्ट पेट्रोल वेसल अत्याधुनिक नौवहन, संचार और निगरानी प्रणालियों से सुसज्जित है। इसकी उन्नत तकनीक इसे लंबे समय तक समुद्र में लगातार गश्त करने, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने और विभिन्न मिशनों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाती है।

इस पोत की उच्च गति और आधुनिक परिचालन क्षमताएं इसे समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती हैं। यह समुद्र में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम है।

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है उत्तर-पश्चिम क्षेत्र

भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार उत्तर-पश्चिम समुद्री क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। गुजरात का लंबा समुद्री तट, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की निकटता और बढ़ती समुद्री गतिविधियां इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को और बढ़ा देती हैं।

ऐसे में वाडिनार में आईसीजीएस अचल की तैनाती से तटीय निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इसके जरिए समुद्री सीमाओं पर चैबीसों घंटे निगरानी रखने के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा चुनौती का तेजी से जवाब दिया जा सकेगा।

तस्करी रोकने से लेकर मछुआरों की सुरक्षा तक निभाएगा अहम रोल

आईसीजीएस अचल अवैध घुसपैठ रोकने, तस्करी विरोधी अभियान चलाने, समुद्री कानूनों को लागू करने और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा समुद्र में काम कर रहे मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संकट में फंसी नौकाओं को राहत पहुंचाने में भी यह पोत प्रभावी साबित होगा।

समुद्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही सरकार

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीजीएस अचल की तैनाती केवल एक नए पोत की तैनाती नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की दीर्घकालिक रणनीति और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हाल के वर्षों में सरकार ने तटीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने, तटरक्षक बल के बेड़े का विस्तार करने और निगरानी क्षमताओं को उन्नत बनाने पर विशेष जोर दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस नए पोत के शामिल होने से उत्तर-पश्चिम समुद्री क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता, प्रतिक्रिया समय और सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे देश के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को और मजबूती मिलेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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