‘IPL जैसा टैलेंट क्यों नहीं दे पाया PSL?’ : वसीम अकरम ने क्रिकेट व्यवस्था पर उठाए तीखे सवाल, वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देकर PCB को घेरा

लाहौर। पाकिस्तान क्रिकेट में युवा बल्लेबाजी प्रतिभाओं को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और घरेलू क्रिकेट व्यवस्था पर तीखा निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि आखिर एक दशक पूरा होने के बावजूद पाकिस्तान सुपर लीग ऐसी बल्लेबाजी प्रतिभा क्यों नहीं दे सकी, जैसी भारतीय क्रिकेट को इंडियन प्रीमियर लीग से मिली है। अकरम ने अपनी बात को समझाने के लिए भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण दिया।
दस साल में गेंदबाज मिले, बड़ा बल्लेबाज क्यों नहीं?
लाहौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वसीम अकरम ने कहा कि पाकिस्तान सुपर लीग को शुरू हुए करीब दस वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान इस प्रतियोगिता ने पाकिस्तान को कई अच्छे गेंदबाज जरूर दिए, लेकिन बल्लेबाजी के क्षेत्र में अब तक ऐसी बड़ी प्रतिभा सामने नहीं आई, जो लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम की मजबूत कड़ी बन सके।
अकरम के सवाल सीधे पाकिस्तान की घरेलू क्रिकेट व्यवस्था पर हैं। उनका मानना है कि केवल बड़ी क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार नहीं होते। युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर सुविधाएं, मजबूत प्रतिस्पर्धा और उचित मार्गदर्शन देना जरूरी है।
वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देकर घेरा
वसीम अकरम ने भारत के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का जिक्र करते हुए कहा कि कम उम्र में ही जिस तरह यह खिलाड़ी अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है, पाकिस्तान को भी ऐसे ही युवा बल्लेबाज तलाशने और उन्हें तराशने की जरूरत है। वैभव अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ अंदाज के कारण कम उम्र में ही चर्चा में आ चुके हैं। अकरम ने इसी तरह की प्रतिभा को पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए जरूरी बताया। हालांकि बातचीत के दौरान अकरम ने वैभव की उम्र 14 वर्ष बताई, जबकि भारतीय बल्लेबाज अब 15 वर्ष के हैं। उम्र को लेकर उनकी यह जानकारी गलत थी, लेकिन उनका मुख्य सवाल युवा प्रतिभाओं को तैयार करने की व्यवस्था पर केंद्रित रहा।
‘पाकिस्तान को ऐसे बल्लेबाज क्यों नहीं मिले?’
अकरम ने सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तान सुपर लीग पिछले एक दशक में कई अच्छे गेंदबाज तैयार कर सकती है, तो बल्लेबाजी में उसी स्तर की प्रतिभा क्यों सामने नहीं आई। उनके मुताबिक पाकिस्तान को इस सवाल पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि उसे पहचानने और सही तरीके से विकसित करने की प्रक्रिया में खामियां हैं। खासतौर पर युवा बल्लेबाजों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
क्लब क्रिकेट को मजबूत करने पर जोर
वसीम अकरम ने कहा कि पाकिस्तान को केवल पाकिस्तान सुपर लीग पर निर्भर रहने के बजाय क्लब क्रिकेट की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में खिलाड़ी क्लब क्रिकेट से निकलते हैं और अगर जमीनी स्तर की व्यवस्था कमजोर रही तो राष्ट्रीय टीम के लिए लगातार प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार करना मुश्किल होगा।
अकरम ने कराची और लाहौर में क्लब क्रिकेट के विकास के लिए 10-10 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च करने की बात कही। उनका मानना है कि खासकर लाल गेंद वाले क्रिकेट को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर पर्याप्त निवेश बेहद जरूरी है।
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