सिवनी: MDM पोर्टल में बच्चों की फर्जी हाजिरी : ‘बच्चों के निवाले’ पर शिक्षकों की नजर

सिवनी: राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को दुरुस्त करने और प्राइवेट स्कूलों की तरह बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ सरकारी स्कूल के शिक्षक और प्रधान पाठक मिलकर सरकार की इन कोशिशों पर पानी फैरते नजर आ रहे है। दरअसल सिवनी जिले के घंसौर जनपद के भिलाई संकुल अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला फुल्हेरा से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां मिड-डे मील के पोर्टल में एक भी बच्चा ना होने के बाद भी 47 बच्चों के नाम दर्ज कर दिए गए। जब इस संबंध में शिक्षक से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे गलती बताकर पल्ला झाड़ लिया।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलने वाली मिड डे मील योजना, जिसे आज पीएम पोषण योजना के नाम से जाना जाता है, बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना का उद्देश्य केवल छात्रों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उनके पोषण स्तर में सुधार करना और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करना भी है।
इस योजना की शुरुआत वर्ष 1995 में देशभर में की गई थी। समय के साथ इसमें कई बदलाव किए गए और वर्ष 2021 में इसका नाम बदलकर पीएम पोषण योजना कर दिया गया। मध्य प्रदेश में यह योजना कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू है, जहां बच्चों को प्रतिदिन मुफ्त में पका हुआ भोजन प्रदान किया जाता है। मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को संतुलित और पोषक आहार दिया जाता है। इसमें सामान्यतः दाल, चावल, रोटी, सब्जी और खिचड़ी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। हाल के वर्षों में पोषण को और बेहतर बनाने के लिए दूध जैसे अतिरिक्त तत्वों को भी शामिल करने की पहल की गई है।
राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम में फर्जीवाड़ा
लेकिन सवाल यह है कि क्या मासूम बच्चों की थाली का भोजन इसी तरह कागजों में ही खत्म कर दिया जाएगा? आरोप है कि प्रधान पाठक द्वारा फर्जी हाजिरी भरकर एमडीएम का लाभ उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
अभिलाषा कनाडे
खबरी दुनिया की ऑल राउंडर। टीवी जर्नलिज़्म में एक दशक का सफर पूरा कर रही हैं। टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया का प्रगाढ़ अनुभव।
