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असम में हिमंता बिस्वा सरमा की फिर ताजपोशी : 4 मंत्रियो ने भी ली गोपनीयता की शपथ, शपथ समारोह में मौजूद रहे पीएम सहित एनडीए के दिग्गज

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May 12, 2026
08:08 AM
4 मंत्रियो ने भी ली गोपनीयता की शपथ, शपथ समारोह में मौजूद रहे पीएम सहित एनडीए के दिग्गज

गुवाहाटी। असम की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। हिमंता के साथ 4 मंत्रियों ने भी गोपनीयता की शपथ ली। नवनिर्वाचित विधायक रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग ने मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर पूरा राजनीतिक माहौल उत्साह और शक्ति प्रदर्शन से भरा रहा।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी इस अवसर पर शामिल हुए। बता दें कि यह लगातार तीसरा अवसर है जब असम में एनडीए सरकार ने सत्ता संभाली है। इससे पहले 2016 में भाजपा के नेतृत्व में सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने थे, जबकि 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा ने पहली बार राज्य की कमान संभाली थी। विश्लेषकों के अनुसार, असम में एनडीए की लगातार जीत के पीछे संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय दलों के साथ सफल गठबंधन रणनीति प्रमुख कारण रही है।

राजनीतिक सफररू छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक

हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की। वे कॉटन कॉलेज छात्र संघ के महासचिव रहे और बाद में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (।।ैन्) से जुड़े। 2001 में उन्होंने पहली बार जालुकबारी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और तब से लगातार इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। 1990 के दशक में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से राजनीति की शुरुआत की और बाद में 2015 में भाजपा में शामिल हो गए।

भाजपा संगठन में अहम भूमिका

भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2016 में उन्हें नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (छम्क्।) का संयोजक बनाया गया। उनकी रणनीति के चलते कई क्षेत्रीय दल भाजपा के साथ जुड़े और पार्टी का प्रभाव पूर्वोत्तर में तेजी से बढ़ा।

शिक्षा और बौद्धिक पृष्ठभूमि

हिमंता बिस्वा सरमा की शिक्षा गुवाहाटी से हुई है। उन्होंने कॉटन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और कुछ समय तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत भी की। 2006 में उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनका शोध पूर्वोत्तर भारत के विकास और क्षेत्रीय परिषद की भूमिका पर आधारित था। लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनकर हिमंता बिस्वा सरमा ने न केवल असम की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा के प्रभाव को भी और सशक्त किया है।

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