CJP संयोजक पर एफआईआर, : शिक्षिका की शिकायत पर एक्शन, सरकारी स्कूल में घुसकर वीडियो बनाने का आरोप

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के लातूर जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और उनके सहयोगियों के खिलाफ सरकारी स्कूल में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली की शिकायत के आधार पर की गई।
स्कूल में पहुंचकर छात्रों से पूछताछ का आरोप
पुलिस के मुताबिक कथित घटना औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल में हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिजीत दिपके और उनके साथी बिना अनुमति स्कूल परिसर में पहुंचे और कक्षा में छात्रों के बीच बैठकर उनसे स्कूल की व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल किए। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि इस दौरान स्कूल का नियमित शैक्षणिक एवं सरकारी काम प्रभावित हुआ।
वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप
शिकायत के अनुसार स्कूल दौरे के दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई और बाद में उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। आरोप है कि वीडियो के माध्यम से स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर ऐसे दावे किए गए, जिससे संस्था की छवि प्रभावित हुई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिपके ने आरोप लगाया कि उनके दौरे के समय कक्षाओं में दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर बैठाया गया था।
शिक्षकों को कार्रवाई की धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता शिक्षिका ने दिपके पर शिक्षकों को निलंबित करवाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों, स्कूल में मौजूद लोगों और वायरल किए गए वीडियो सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत दौरा
अभिजीत दिपके CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत लातूर जिले के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी अभियान के दौरान जावली के स्कूल में पहुंचे थे। हालांकि, स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद यह दौरा कानूनी विवाद में बदल गया है।
औसा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए आगे की जांच कर रही है।
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