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पवन खेड़ा को मिली अंतरिम राहत कानूनी विवाद में बदली : असम सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

admin

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Apr 13, 2026
07:18 AM
असम सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली अंतरिम राहत अब नए कानूनी विवाद में बदल गई है। असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से बेहद अहम बन गया है।

क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी शर्मा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और उन्होंने विदेशों में अघोषित संपत्तियां रखी हुई हैं। इन आरोपों के बाद असम में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

हाईकोर्ट में जमानत, लेकिन शर्तों के साथ

तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को तत्काल गिरफ्तारी से राहत देते हुए एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया था कि उन्हें उचित अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन करना होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम सवाल उठायाकृजब दस्तावेजों में पता दिल्ली का है, तो याचिका तेलंगाना में क्यों दाखिल की गई?

ज्यूरिस्डिक्शन बना बड़ा मुद्दा

कोर्ट ने इस मामले में अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) पर स्पष्टता मांगी। खेड़ा की पत्नी नीलिमा के दस्तावेजों में दिल्ली का पता दर्ज होने पर अदालत ने निर्देश दिया कि उनका नवीनतम आधार कार्ड पेश किया जाए। इससे यह तय होगा कि याचिका सही अदालत में दाखिल की गई है या नहीं।

असम पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में पूछताछ के लिए असम पुलिस पहले ही दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

अब नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

असम सरकार की अपील के बाद अब अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखता है या उसमें बदलाव करता है। यह मामला न केवल एक राजनीतिक बयानबाजी का परिणाम है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र की जटिलताओं को भी उजागर करता है।

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