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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में घिरे बड़े चेहरे : बजरंग दल के संस्थापक ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर किया बड़ा दावा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 03, 2026
08:04 AM
बजरंग दल के संस्थापक ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर किया बड़ा दावा

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी जैसे-जैसे आगे बढ़ा रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आते जा रहे हैं। चोरी के तरीकों को लेकर हो रहे हैरान करने वालों के बीच बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने ऐसा बयान दे दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल उन्होंने दावा किया है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी जेल जा सकते हैं। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव

विनय कटियार ने कि यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है राम मंदिर से चढ़ावा चोरी हुआ। मैंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा हुई है और आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि ये तीनों जेल भी जा सकते हैं।

आगे की कार्रवाई पर टिकीं नजरें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लगातार सामने आ रहे नए खुलासों और एसआईटी की सक्रिय जांच के बाद अब सभी की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

एसआईटी ने आठ घंटे तक की गहन पड़ताल

इतना ही नहीं एसआईटी ने गरुवार को अयोध्या में करीब आठ घंटे तक लगातार जांच की। दोपहर 1ः40 बजे शुरू हुई जांच रात करीब 8ः30 बजे तक चली। आईपीएस अधिकारी किरण एस की मौजूदगी में जांच टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की चर्चा है।

व्यवस्था कार्यकर्ता के पास से जुड़ा नया खुलासा

जांच के दौरान आरोपी अनुकल्प मिश्रा को लेकर भी बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, उनके नाम पर मंदिर में व्यवस्था कार्यकर्ता का प्रवेश पास नियमित रूप से जारी किया जाता था। आरोप है कि राम मंदिर के विशेष आयोजनों के दौरान इसी पास के जरिए उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश मिलता था। इतना ही नहीं, दावा किया जा रहा है कि इसी पहचान के आधार पर वह चढ़ावे की राशि की गिनती की प्रक्रिया में भी शामिल होता था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और प्रवेश व्यवस्था की भी जांच कर रही हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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