सोमवार, 22 जून 202607:00:59 PM
Download App
Home/देश

राष्ट्रपति मुर्मु ने चीता मित्रों से की वन-टू-वन बात : कूनो से दुनिया को बड़ा संदेश, सराहा समन्वय के प्रयासों को भी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 22, 2026
10:21 AM
कूनो से दुनिया को बड़ा संदेश, सराहा समन्वय के प्रयासों को भी

श्योपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने दो दिवसीय कूनो नेशनल पार्क प्रवास के दौरान सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण और पुनर्स्थापन परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे जन-जागरूकता अभियान, चीतों की सुरक्षा और ग्रामीणों के साथ समन्वय के प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और चीता मित्र इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं।

चीता मित्रों ने राष्ट्रपति को बताया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी गांवों में स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। उनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को चीतों के व्यवहार और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि लोगों को समझाया जा रहा है कि चीते स्वभाव से इंसानों पर हमला नहीं करते हैं। यदि कोई चीता आबादी वाले क्षेत्र या खेतों में दिखाई देता है तो तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी जाती है, ताकि जानवर और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें। चीता मित्रों ने यह भी बताया कि लोगों में पहले की तुलना में जागरूकता बढ़ी है और अब ग्रामीण भी इस परियोजना को संरक्षण अभियान के रूप में देख रहे हैं।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर. थिरूकुराल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चीता मित्र कुलदीप आदिवासी, संग्राम आदिवासी, राजनंदनी आदिवासी, मल्हा आदिवासी, शिवम आदिवासी, विनोद आदिवासी, रामलखन आदिवासी, लालाराम आदिवासी, दौलतराम आदिवासी और सतीश आदिवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह पहल भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को दोबारा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

देश में 52 चीतों तक पहुंचा कुनबा

कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापन योजना को शुरू हुए साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है। इस परियोजना के तहत नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से चीतों को भारत लाया गया था।

वर्तमान में देश में चीतों की कुल संख्या 52 हो चुकी है। इनमें 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में मौजूद हैं, जबकि तीन चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभयारण्य में रखे गए हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि भारत में अब तक 32 शावकों का जन्म हो चुका है, जो परियोजना की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें