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जहरीली बयानबाजी राजनीतिक माहौल के लिए चिंताजनक : खड़गे के बयान पर बसपा सुप्रीमो की कांग्रेस को नसीहत, नेताओं को मर्यादा में रहने दी सलाह

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 27, 2026
05:48 AM
खड़गे के बयान पर बसपा सुप्रीमो की कांग्रेस को नसीहत, नेताओं को मर्यादा में रहने दी सलाह

लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक कांग्रेस पर हमलावर हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं के बीच आपसी सम्मान की कमी और जहरीली बयानबाजी का बढ़ता चलन देश की गरिमा और राजनीतिक माहौल के लिए चिंताजनक है। मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और अमर्यादित बयानबाजी पर चिंता जताई।

‘राजनीति में मर्यादा की सीमाएं टूट रहीं’

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटुता और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर अब व्यक्तिगत स्तर पर भी बेलगाम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक और संकीर्ण होती जा रही है। कई मामलों में यह जातिवाद से ग्रसित होकर हिंसक बयानबाजी तक पहुंच रही है, जो बेहद दुखद है।

राजनीति का असर केवल दलों तक सीमित नहीं

मायावती के मुताबिक, इस तरह की राजनीति का असर केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे देश की गरिमा और मान-मर्यादा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि शीर्ष स्तर पर आसीन नेताओं के बीच यदि एक-दूसरे के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं है, तो कम से कम किसी भी प्रकार से आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

बसपा प्रमुख ने राजनीतिक माहौल के साथ-साथ सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के कारण जनता पहले से ही बेचैन है। ऐसे समय में नेताओं के बीच व्यक्तिगत टकराव और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ हालात को और जटिल बना सकती है।

उन्होंने आगाह किया कि बढ़ती संकीर्ण, गरीब-विरोधी और स्वार्थपरक राजनीति से लोगों का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होना देश और जनहित के लिए उचित नहीं होगा।

गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील

मायावती ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि राजनीतिक दल आपसी विवादों में उलझने के बजाय गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। आम लोगों के जीवन से जुड़े इन मुद्दों पर सभी दलों को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टिप्पणियों तथा बयानबाजी की बढ़ती होड़ से देश का राजनीतिक वातावरण और कड़वा हो सकता है। ऐसे में सभी दलों को संयम, जिम्मेदारी और मर्यादा का परिचय देना चाहिए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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