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राजनीति में नैतिकता-सुचिता अनिवार्य : निगम मंडल के पदाधिकारियों को सीएम मोहन ने दिया सख्त संदेश, दोहराया अटलजी के विचारों को

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May 18, 2026
03:32 PM
निगम मंडल के पदाधिकारियों को सीएम मोहन ने दिया सख्त संदेश, दोहराया अटलजी के विचारों को

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग एवं प्राधिकरणों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शासन और प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ। कार्यक्रम अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित हुआ

सीएम ने जोर देकर कहा कि अनेकता में एकता ही भारत की असली शक्ति है और इसी आधार पर राज्य में योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हर व्यक्ति को उसकी क्षमता और दक्षता के अनुसार जिम्मेदारी दी जा रही है, ताकि शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बन सके। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को दोहराते हुए कहा कि राजनीति में नैतिकता, शुचिता और पारदर्शिता अनिवार्य हैं। बिना इन मूल्यों के सुशासन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को सख्त संदेश दिया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें।

अनेकता में एकता ही हमारी ताकत

सीएम ने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करना जानते है इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का उद्धरण दोहराते हुए कहा कि राजनीति और प्रशासन का एकमात्र ध्येय जनकल्याण होना चाहिए। राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें स्व. वाजपेयी के आदर्शो पर चल कर देश और प्रदेश की सेवा करनी है।

उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें

मुख्यमंत्री ने सभी निगम मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि सेवा ही हमारा परम धर्म है। हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब सरकार का अभिन्न अंग है। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने दायित्व का निर्वहन करें।

तकनीक का इस्तेमाल सुशासन के लिये करें

डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में तकनीक का इस्तेमाल सुशासन का बड़ा आधार बन चुका है। हमें अपने काम-काज में डिजिटल गवर्नेंस, डाटा आधारित निर्णय, तकनीक संचालित निगरानी और सेवा वितरण की पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में आगे बढऩा है। सभी पदाधिकारी अपने-अपने कार्य/अधिकार क्षेत्र में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें। सोशल मीडिया से जुड़ें और सरकार की उपलब्धियों में सहभागी बनें।

निगम-मंडल-बोर्ड की कार्यप्रणाली का करें अध्ययन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुप्रथाओं के विरूद्ध जनजागरण इन सब विषयों पर आप अपने विभागों के जरिये सक्रिय भूमिका निभाइए। निगम-मंडल-बोर्ड की कार्यप्रणाली का अध्ययन खूब करें।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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