मप्र राज्य सभा उपचुनाव : कांग्रेस ने खोले पत्ते, हरदीप पुरी को चुनौती देंगे लोहानी, जानिए संख्या बल में कौन है ताकतवर

भोपाल। मध्य प्रदेश की एकमात्र खाली हुई राज्यसभा सीट पर 12 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव के लिए सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके दो दिन बाद अब कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। कांग्रेस ने सांगठनिक स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता राजकुमार लोहानी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
हालांकि संख्या बल के हिसाब से भले ही भाजपा का पलड़ा भारी है और उनके पास बहुमत से कहीं ज्यादा विधायक मौजूद हैं, लेकिन कांग्रेस ने लोहानी को मैदान में उतारकर यह साफ संदेश दे दिया है कि वह बीजेपी को आसानी से वॉकओवर देने के मूड में बिल्कुल नहीं है और हर मोर्चे पर लोकतांत्रिक मुकाबला करेगी।
विधानसभा का संख्या बल और चुनावी गणित
इस उपचुनाव के लिए जीत और हार का पूरा समीकरण विधायकों के संख्या बल पर निर्भर हैः
बहुमत का आंकड़ाः राज्यसभा की इस एकमात्र सीट पर जीत दर्ज करने के लिए 115 से 116 विधायकों के वोटों की जरूरत है।
बीजेपी की स्थितिः मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में सत्ताधारी बीजेपी के पास 164 विधायक हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है। यही वजह है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जीत तय मानी जा रही है।
कांग्रेस की स्थितिः विपक्ष में बैठी कांग्रेस के पास करीब 65 विधायक हैं। संख्या बल कम होने के बावजूद कांग्रेस इस चुनाव को अपनी एकजुटता और रणनीतिक संदेश के रूप में लड़ रही है।
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