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यूपीआई ने रचा नया कीर्तिमान, : मई में 23.20 अरब ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल भुगतान को मिली नई उड़ान

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Jun 01, 2026
06:51 AM
मई में 23.20 अरब ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल भुगतान को मिली नई उड़ान

नई दिल्ली। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने मई 2026 में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में यूपीआई के जरिए 23.20 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है, जो देश में डिजिटल भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

मात्र ट्रांजैक्शन संख्या ही नहीं, बल्कि इनके कुल मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मई 2026 में यूपीआई के माध्यम से 29.90 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि उपभोक्ता और कारोबारी दोनों ही बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से भरोसा जता रहे हैं।

हर दिन हुए करोड़ों डिजिटल भुगतान

एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में प्रतिदिन औसतन 748 मिलियन यानी करीब 74.8 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। वहीं, रोजाना औसतन 96,465 करोड़ रुपये का लेनदेन यूपीआई के जरिए संपन्न हुआ। यह दर्शाता है कि यूपीआई अब केवल भुगतान का विकल्प नहीं, बल्कि देश की दैनिक आर्थिक गतिविधियों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

अप्रैल और मार्च के मुकाबले भी बढ़त

अगर पिछले महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 में यूपीआई के जरिए 22.35 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए थे, जिनकी कुल राशि 29.03 लाख करोड़ रुपये रही। वहीं मार्च में 22.64 अरब ट्रांजैक्शन और 29.53 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। मई में ट्रांजैक्शन संख्या और कुल मूल्य दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लगातार तीसरे महीने डिजिटल भुगतान के विस्तार का संकेत मिला है।

कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर मजबूत कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि आसान, सुरक्षित और तेज भुगतान सुविधा ने यूपीआई को देशभर में लोकप्रिय बना दिया है। छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारी और आम उपभोक्ता तक, सभी के बीच इसकी पहुंच लगातार बढ़ रही है। मई 2026 के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत तेजी से कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यूपीआई इस परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार बनकर उभरा है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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