विकास के दावों की पोल खोलती यह खरगोन की तस्वीर : नदी में पुल नहीं होने से ग्रामीणों की जोखिम में, बच्चों को कंधों में बैठाकर पहुंचा रहे स्कूल

खरगोन। मध्यप्रदश के कई जिलों में मानूसन ने दस्तक देने के साथ ही जोरदार बारिश का दौर भी शुरू हो गया है। बारिश के बीच इन जिलों से ऐसी तस्वीर भी सामने आने लगी हैं सरकार की विकास के दावों की पोल भी खोल रही हैं। ऐसी ही एक तस्वीकर खरगोन जिले से आई हैं, जहां पुल न होने से परिजनों को स्कूली बच्चों को कंधों और हाथ पकड़कर उफनती नदी को पार कराना पड़ रहा है। भगवानपुरा तहसील के वन ग्राम पीपलझोपा के राजमोहली से सामने आए वीडियो ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की पोल खोल दी है।
वीडियो में स्कूली बच्चों को उनके परिजन हाथ पकड़कर कुंदा नदी पार कराते दिखाई दे रहे हैं, ताकि वे स्कूल पहुंच सकें। लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ चुका है, लेकिन पुल के अभाव में ग्रामीणों के पास यही एकमात्र रास्ता बचता है। हर साल मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं और कई दिनों तक गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है।
राजमोहली में रहते हैं 40-50 परिवार
ग्रामीण संतोष आवासे के मुताबिक, राजमोहली में करीब 40 से 50 परिवार रहते हैं। तहसील या जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए कुंदा नदी पार करना मजबूरी है। तेज बहाव के कारण किसानों के खेती-किसानी के काम प्रभावित होते हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
पुलिस पर आया बाढ़ का पानी
उधर, काबरी के सागमली मार्ग की पुलिया पर भी बाढ़ का पानी बहता नजर आया। इसके बावजूद दो युवक बैलगाड़ी निकालते दिखे, जबकि एक व्यक्ति अपने बच्चे को पीठ पर बैठाकर पुलिया पार करता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदनशील पुल-पुलियों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को रोकने के लिए कोई कर्मचारी तैनात है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा साबित हो सकती है। प्रशासन से तत्काल सुरक्षा इंतजाम और स्थायी पुल निर्माण की मांग तेज हो गई है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
