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मिडिल ईस्ट तनाव : मप्र में गहराया गैस संकट, सप्लाई 15 फीसदी पर सिमटी, सिलेंडर के लिए लंबी कतार

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Mar 12, 2026
12:31 PM
मप्र में गहराया गैस संकट, सप्लाई 15 फीसदी पर सिमटी, सिलेंडर के लिए लंबी कतार

भोपाल। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते संकट की आंच रसोई तक पहुंच गई है। मध्यप्रदेश में भी ऐसे ही हालात देखने को मिल रहे हैं। राजधानी भोपाल सहित सूबे के लाखो रसोई गैस उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए परेशान हो रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। यही नहीं आॅयल कंपनियों ने दावा किया है कि संकट के चलते प्रदेश में केवल 15 फीसदी ही गैस उपलब्ध है। ऐसे में प्रदेश में गैस संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।

जानकारी के मुताबिक सीमित सप्लाई के कारण कमर्शियल सिलेंडर अब सिर्फ अस्पतालों, सेना और पुलिस कैंटीन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट कैंटीन और बस स्टैंड के भोजनालयों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। खाद्य विभाग जरूरत के अनुसार इन संस्थानों की सूची ऑयल कंपनियों को देगा। वहीं होटल, मैरिज गार्डन, सराफा कारीगरों और भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। मेट्रो निर्माण में वेल्डिंग के लिए एलपीजी का उपयोग होता है, जिससे काम प्रभावित होने की आशंका है।

जिम्मेदार अधिकारियों के दावे के उलट जमीनी हकीकत

भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक सरकार के नए निर्देशों के तहत अब 25 दिन पूरे होने के बाद ही गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि सर्वर की दिक्कत और कुछ लोगों द्वारा अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर लेने के कारण भी एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ रही है। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों ने दावा किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में सिलेंडर के लिए लंबी वेटिंग देखी जा रही है। कई गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ लग रही है। टीटी नगर और 5 नंबर इलाके में सिलेंडर के लिए लोगों को काफी भागदौड़ करनी पड़ी।

भोपाल में हैं डेढ़ हजार होटल-रेस्टोरेंट

भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार राजधानी में करीब डेढ़ हजार होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना 2 से 2.5 हजार सिलेंडर की खपत होती है। जिन होटलों में थोड़ा स्टॉक है, वे भी मुश्किल से 48 घंटे तक काम चला पाएंगे। इसके बाद कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में आ सकते हैं। होटल संचालकों ने सरकार से कमर्शियल गैस की सप्लाई बहाल करने की मांग की है, लेकिन फिलहाल सरकार ने केवल इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है।

बाजार पर भी दिखाई देने लगा गैस संकट का असर

इस बीच गैस संकट का असर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण दाल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़ गए हैं। व्यापारियों के अनुसार हरी मूंग, मसूर, चना दाल और तूअर दाल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। वहीं मिर्च और धनिया भी महंगे हो गए हैं। पिस्ता, अंजीर और केसर जैसे ड्राई फ्रूट्स के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, क्योंकि इनका आयात ईरान के रास्ते होता है।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पैकेजिंग सामग्री हुई महंगी

व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो गई है। प्लास्टिक से बने पैकेजिंग आइटम के दामों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आम लोगों को और ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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