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यह विधेयक नहीं, सरकार की नाकामी है दस्तावेज : संसद में गोगोई का तीखा वार, अखिलेश ने भी सरकार को घेरा, रिजिजू ने दिलाई आपातकाल की याद

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 28, 2026
10:40 AM
संसद में गोगोई का तीखा वार, अखिलेश ने भी सरकार को घेरा, रिजिजू ने दिलाई आपातकाल की याद

नई दिल्ली। आखिरकार मंगलवार से लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल चर्चा शुरू हो गई है। विधेयक पर चर्चा बहस के लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन विपक्ष की मांग पर सरकार 10 घंटे तक चर्चा के लिए तैयार हो गई है। यानि अब इस बिल पर 10 घंटे मैराथन बहस देखने को मिलेगी। चर्चा के दौरान के पक्ष-विपक्ष के जमकर वार-पलटवार देखने को मिला।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है। गोगोई ने कहा कि विधेयक में किए गए संशोधनों से साफ है कि सरकार शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2024 में भी इसी विषय पर कानून लेकर आई थी, लेकिन उसके बावजूद वर्ष 2026 में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले का कानून प्रभावी था तो फिर नई घटनाएं कैसे हुईं। उनके अनुसार यह विधेयक सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है, समाधान नहीं।

धर्मेंद्र प्रधान के सम्मान पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेते हुए कहा कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामले के बावजूद उनका सम्मान किया गया। उन्होंने पूछा कि जब छात्रों का भविष्य दांव पर लगा था, तब जिम्मेदारी तय करने के बजाय संबंधित मंत्री का स्वागत और सम्मान क्यों किया गया।

कविता के जरिए साधा निशाना

अपने भाषण के दौरान गौरव गोगोई ने प्रसिद्ध कवि गोपालदास श्नीरजश् की कविता की पंक्तियां भी सुनाईं और सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए केवल कड़े कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

जो चढ़ावा नहीं बचा बचा सके, पेपर लीक कैसे बचाएंगे- अखिलेश

दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सरकार से मंदिरों का चढ़ावा सुरक्षित नहीं रह सका, वह पेपर लीक कैसे रोकेगी। अखिलेश ने दावा किया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक का जिक्र करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में आउटसोर्सिंग व्यवस्था की भी आलोचना की और कहा कि सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा संस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

रिजिजू ने दिलाई आपातकाल की याद

चर्चा के दौरान अखलेश यादव और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को युवाओं की नाराजगी को गंभीरता से लेना चाहिए और सवाल उठाया कि जब वर्ष 2024 में कानून लाया गया था, तब भी पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। इस पर किरण रिजिजू ने तंज कसते हुए पूछा कि आंदोलन के बाद कानून लाना बेहतर है या आंदोलन को कुचलने के लिए आपातकाल लगाना। जवाब में अखिलेश ने कहा कि उन्होंने आपातकाल नहीं देखा, लेकिन दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई किसी आपातकाल से कम नहीं थी। उन्होंने कहा कि आपातकाल के बाद भी सत्ता परिवर्तन हुआ था और इस बार भी बदलाव होगा। साथ ही उन्होंने मंदिरों के चढ़ावे और गुप्तदान से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा।

एंटी पेपर लीक बिल सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाणः स्वराज

चर्चा के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने विधेयक का जोरदार समर्थन करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पेपर लीक घोर अपराध है और इसी सोच के साथ सरकार यह कानून लेकर आई है। बांसुरी स्वराज ने कहा कि परीक्षा माफिया अब संगठित रूप ले चुका है, इसलिए उससे निपटने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि विधेयक में जांच के लिए केंद्र सरकार को विशेष कार्यबल गठित करने का अधिकार दिया गया है, जिससे मामलों की प्रभावी जांच हो सकेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री की परीक्षा पर चर्चा पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों तथा सामाजिक न्याय के दायरे का भी लगातार विस्तार किया गया है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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