छत्तीसगढ़ः अरुणदेव गौतम होंगे नए डीजीपी, : शाह के दौरे से पहले मिली बड़ी जिम्मेदारी, नक्सल प्रभावित जिलों में रही है मजबूत पकड़

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 18-19 मई के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राज्य में हलचल तेज हो गई है। अपने इस दौरे के दौरान वे बस्तर में आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इसी बीच राज्य प्रशासनिक तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित गौतम अपनी मजबूत प्रशासनिक क्षमता और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रणनीति के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय तक उन्होंने इन संवेदनशील इलाकों में कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। उनके नेतृत्व से राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब तक प्रभारी डीजीपी के तौर पर संभाल रहे थे जिम्मेदारी
1992 बैच के आईपीएस अरुण देव गौतम अब तक प्रभारी डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए गठित पैनल की अनुशंसा के बाद राज्य शासन ने उन्हें नियमित रूप से डीजीपी पद पर पदस्थ किया है। 1992 बैच के आईपीएस अफसर गौतम को पहले मध्यप्रदेश कैडर मिला था, शुरुआती पोस्टिंग जबलपुर में हुई, फिर वे बिलासपुर के सीएसपी बने।
छह जिलों के एसपी रह चुके हैं गौतम
एसडीओपी कवर्धा, एडिशनल एसपी भोपाल, एमपी की 23वीं बटालियन के कमांडेंट के बाद वे राजगढ़ एसपी भी रहे। वे कुल 6 जिलों के एसपी और बस्तर आईजी रह चुके हैं। राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर में एसपी रहे। उन्हें झीरम घाटी नक्सल हमले के बाद बस्तर का आईजी बनाया गया था, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण हालात में कार्य किया। 2013 के विधानसभा चुनावों के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अहम रही, जिससे मतदान प्रतिशत में भी वृद्धि दर्ज की गई।
अरुण देव गौतम का परिचय
किसान परिवार से ताल्लुकात रखने वाले अरुण देव उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को हुआ। राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से दसवीं और बारहवीं पूरी करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए और फिर राजनीति शास्त्र में एमए किया। जेएनयू नई दिल्ली से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल और पीएचडी की। इसके बाद यूपीएससी परीक्षा में सिलेक्ट होकर आईपीएस बने।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
अरुण देव गौतम को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं.
वर्ष 2002 में कोसोवो में शांति मिशन के तहत सेवा देने पर संयुक्त राष्ट्र पदक
वर्ष 2010 में भारतीय पुलिस पदक
वर्ष 2018 में राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा)
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