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मंदिर हटाने हटाने की कोशिश हुई तो... : खड़े हनुमान मंदिर को हटाने को लेकर हर्षा रिछारिया ने दी खुली चेतावनी

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Sep 10, 2026
10:43 AM
खड़े हनुमान मंदिर  को हटाने को लेकर हर्षा रिछारिया ने दी खुली चेतावनी

उज्जैन। उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को लेकर कंठाल चैराहे से छत्री चैक तक सड़क को चैड़ा किया जा रहा है। खास बात यह है कि सती गेट के पास खड़े हनुमानजी का मंदिर है। सड़क चैड़कीरण के बीच खड़े हनुमान मंदिर की की प्रतिमा को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश हो रही है। प्रशासन ने जेसीबी मशीन से लेकर सारे जतन कर लिए लेकिन हनुमानजी टस से मस नहीं हुए।

इसके बाद अब प्रतिमा हटाने की का विरोध शुरु हो गया है। साधु-संत और आम नागरिकों के विरोध के बाद अब हर्षा रिछारिया ने मंदिर पहुंचकर खड़े हनुमान के दर्शन किए और प्रतिमा को हटाने की कोशिश का विरोध किया। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रतिमा को उसके मौजूदा स्थान से हटाने का प्रयास किया गया तो वह अनशन पर बैठेंगी।

170 साल पुराना है मंदिर

गौरतलब है कि माना जाता है कि यह मंदिर 170 साल पुराना यानी 1857 के दौर का है। नगर निगम ने सड़क चैड़ीकरण के लिए मंदिर को शिफ्ट करने का प्लान बनाया। 4-5 सितंबर को नगर निगम की टीम ने मंदिर पर हथौड़ा चलाया। फिर हनुमानजी की प्रतिमा को हटाने की बारी आई। प्रशासन ने प्रयास किया, मगर खड़े हनुमान टस से मस नहीं हुए। चार दिन में चार बार मूर्ति को खिसकाने की कोशिश विफल रही। भक्तों ने इसे दैवीय संकेत और भगवान का चमत्कार माना। इसके बाद से प्रतिमा हटाने का विरोध शुरू हो गया।

‘मंदिर को छोड़ देना चाहिए’

मंदिर में दर्शन के बाद हर्षा रिछारिया ने कहा कि सड़क विकास और चैड़ीकरण के लिए हिंदू समाज ने समय-समय पर कई मंदिरों को लेकर सहयोग किया है। ऐसे में प्रशासन को कम से कम इस मंदिर को यथास्थान रहने देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिमा को हटाने की कोशिश हुई तो वह विरोध करेंगी।

तीन प्रयासों के बाद भी नहीं बदली प्रतिमा

खड़े हनुमान की प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने की तैयारी प्रशासन की ओर से की गई थी। नई जगह पर मंदिर का ढांचा भी तैयार किया जा चुका है। हालांकि, प्रतिमा को वहां ले जाने के प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इसे हटाने की तीन बार कोशिश की जा चुकी है, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हटी।

प्रतिमा की दिशा को लेकर भी विवाद

मामले में प्रतिमा की दिशा भी विवाद का अहम कारण बनी हुई है। बताया जा रहा है कि वर्तमान स्थान पर खड़े हनुमान की प्रतिमा दक्षिणमुखी है, जबकि प्रस्तावित नए स्थान पर इसे उत्तर दिशा की ओर स्थापित किए जाने की बात सामने आई है। इसी बदलाव को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

अब हर्षा के ऐलान से बढ़ी हलचल

हर्षा रिछारिया के मंदिर पहुंचने और अनशन की चेतावनी देने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। प्रतिमा को यथास्थान रखने या दूसरी जगह स्थापित करने को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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