महंगाई की मार : पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी इजाफा,, आम आदमी की जेब पर सीधा वार

नई दिल्ली। महंगाई की मार झेल रही जनता को शुक्रवार सुबह एक और बड़ा झटका लगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव और मिडिल-ईस्ट संकट का असर अब सीधे भारत की सड़कों और लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। नई कीमतें लागू होते ही आम आदमी की चिंता बढ़ गई है।
हर सफर अब पड़ेगा भारी
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अब 97.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन के दामों में भारी उछाल देखने को मिला है। रोजाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, ऑटो-टैक्सी चालक और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
क्यों बढ़े दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यही रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चा तेल पहुंचाने का मुख्य मार्ग माना जाता है। सप्लाई में संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर पड़ा।
रसोई से लेकर बाजार तक असर
ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियां, दूध, राशन और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जिसका बोझ सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा।
सरकार की अपील और जनता की चिंता
हाल ही में प्रधानमंत्री ने लोगों से ईंधन बचाने और निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की थी। सरकार वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर जोर दे रही है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
आम आदमी बोला — “अब चलाना मुश्किल”
पेट्रोल पंपों पर लोगों में नाराजगी साफ नजर आई। कई वाहन चालकों ने कहा कि पहले ही महंगाई ने कमर तोड़ रखी थी, अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल हो जाएगा। आने वाले दिनों में अगर हालात नहीं सुधरे तो महंगाई का यह तड़का और भी तीखा पड़ सकता है।
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