कफ सिरप, जहरीली शराब और अब मंदिर हादसा : सरकार पर ऐसे बरसे जीतू, शीतला माता मंदिर हादसे के पीड़ितों को बंधाया ढांढस

ग्वालियर। नवरात्रि के दौरान ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर में हुए भीषण हादसे को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधवार को ग्वालियर जाकर जहां पीड़ित परिजनों से मुलाकात उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं शासन-प्रशासन दोनों को आड़े हाथ लिया है। पटवारी ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और एसपी को अब तक पद पर बनाए रखने पर सवाल उठाए। साथ ही सरकार से हादसे की जिम्मेदारी तय करने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उउन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार राजनीतिक जिम्मेदारी लेने से बचती है। इस सरकार में लगातार सामूहिक हत्याएं क्या होती है इसका विश्व रिकॉर्ड बना दिया है।
जीतू ने बड़े हादसों का किया जिक्र
26 बच्चों की कफ सिरप की वजह से सामूहिक मौत हुई थी, फिर सागर में जहरीली शराब कांड में लोगों की मौत हुई, उसके पहले भिंड में 15-17 लोग जहरीली शराब से मर गए थे। फिर इंदौर में जहरीले पानी से 36 लोगों की हत्या कर दी गई और अब एक्सीडेंट से मौते हुई। इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर हादसा हुआ इसको लेकर एडवाइजरी जारी हुई थी, किसी भी जिले के कलेक्टर एसपी की जिम्मेदारी होगी, यदि कोई इस तरह का हादसा होता है, तत्काल कलेक्टर एसपी को पद मुक्त किया जाएगा।
ग्वालियर कलेक्टर और एसपी की जवाबदेही पर सवाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इंदौर में ट्रक से हुए हादसे के बाद यह बात कही गई थी कि ऐसी घटना किसी जिले में होने पर कलेक्टर और एसपी पद पर नहीं रहेंगे। इसके बावजूद ग्वालियर में इतने बड़े हादसे के बाद भी संबंधित अधिकारियों के पद पर बने रहने पर उन्होंने सवाल उठाए।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का ग्वालियर आना और अन्य नेताओं का पीड़ितों के बीच पहुंचना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और जवाबदेही किसकी तय की गई है।
‘लापरवाही प्रशासन की, जिम्मेदारी सरकार की’
पटवारी ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में राजनीतिक नेतृत्व अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में जिम्मेदारी तय करने के बजाय एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते हैं, जिससे जनता को राहत और न्याय मिलने में देरी होती है। उन्होंने पुराने मामलों में हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए निलंबन और लाइन हाजिर करने जैसी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। पटवारी के मुताबिक, केवल कार्रवाई का दिखावा करने से पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता।
पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग
पटवारी ने हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
