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धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान पर सियासी संग्राम! : भगवान कृष्ण को टेढ़ा बताने पर अखिलेश से तेजस्वी तक भड़के नेता, विवाद बढ़ा तो हाथ जोड़कर मांगी माफी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Nov 03, 2026
08:05 AM
भगवान कृष्ण को टेढ़ा बताने पर अखिलेश से तेजस्वी तक भड़के नेता, विवाद बढ़ा तो हाथ जोड़कर मांगी माफी

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। श्रीराम कथा के दौरान भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए उन्होंने श्रीकृष्ण की खड़े होने की मुद्रा को लेकर श्टेढ़ाश् शब्द का इस्तेमाल किया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर धार्मिक हलकों तक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। बढ़ते विरोध के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर माफी भी मांग ली है।

अखिलेश यादव ने की कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की मांग

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध बताते हुए धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने, नए कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की। अखिलेश ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे बयानों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- दिव्य स्वरूप की गरिमा समझनी चाहिए

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अलग-अलग स्वरूप हैं। दोनों की भक्ति और लीलाओं का अपना आध्यात्मिक महत्व है। उन्होंने श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा को श्टेढ़ापनश् कहने पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है।

तेजस्वी और महुआ मोइत्रा ने भी साधा निशाना

राजद नेता तेजस्वी यादव ने भगवान श्रीकृष्ण पर की गई टिप्पणी को अशोभनीय और अमर्यादित बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं और धार्मिक आस्थाओं को बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि ऐसी टिप्पणी किसी अन्य व्यक्ति ने की होती तो क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया इतनी ही शांत रहती? छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बयान की आलोचना करते हुए धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की बात कही।

विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी

लगातार बढ़ते विरोध के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत अर्थ में लिया गया है। उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टिप्पणी भक्ति रस और विनोद के संदर्भ में की गई थी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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